अब मजदूरों और मिस्त्रियों के बच्चों को भी पढ़ाएगी हिमाचल प्रदेश सरकार

शिमला। राज्य सरकार भवन एवं निर्माण कामगार बोर्ड के तहत पंजीकृत कामगारों के बच्चों को सहारा दे रही थी, लेकिन अब दूरदराज क्षेत्रों में घरेलू निर्माण कार्य करने वाले गरीब मिस्त्री व मजदूरों के बच्चों के उच्च शिक्षा पाने के सपने साकार करेगी।

पीएचडी तक की शिक्षा ग्रहण करने के लिए हर साल 1.20 लाख रुपये मिलेंगे। डिप्लोमा व डिग्री करने को भी वित्तीय सहायता मिलेगी । यदि गरीब मजदूर का बच्चा बीमार होता है तो उसका निश्शुल्क उपचार करवाने की व्यवस्था रहेगी। गांव में मिस्त्री और मजदूरी करने वाले कामगारों की बेटियों को शादी के लिए मिलेगा 51 हजार का शगुन भी प्राप्त होगा।

उद्योग मंत्री बिक्रम ङ्क्षसह ने राज्य भवन निर्माण एवं कामगार बोर्ड की समीक्षा बैठक के बाद शिमला में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मकान बनाने वाले और मनरेगा या किसी भी प्रकार के निमार्ण कार्य से जुड़े कामगारों का पंजीकरण किया जाएगा। ये कामगार 90 दिन से निर्माण कार्य से जुड़े होने चाहिए। ऐसे कामगारों का पंजीकरण करने के लिए जागरूकता का दायरा बढ़ाया जाएगा। बोर्ड की ओर से कामगारों को जागरूक करने का कार्य पहले से चला आ रहा है। उनका कहना है कि अभी तक 3.35 लाख कामगारों का पंजीकरण हुआ है और एक लाख से अधिक कामगार योजनाओं से लाभांवित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज सभी जिलों से आए जिला श्रम अधिकारियों को पंजीकरण बढ़ाने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। देखने में आया है कि हमारे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के कामगारों को किसी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्म नहीं भरना आता है, जिसे लेकर शिमला में 15 व 16 नवंबर को गैर सरकारी संस्थाओं के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। उसके बाद ये संस्थाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर कामगारों को जागरूक करेगी।

गांव के गरीब होंगे हकदार

शिक्षा, राशि प्रति वर्ष

पहली से आठवीं, 8400

जमा दो तक, 12000

बीए-बीकाम,36000

डिप्लोमा,48000

पालीटेक्निक डिप्लोमा, 60,000

पीएचडी, 1.20 लाख

706 एमओयू में से 236 धरातल पर उतरे

धर्मशाला में इन्वेस्टर मीट में निवेश को आकर्षित करने के लिए 706 एमओयू हुए थे, जिनमें से 236 एमओयू पहली ग्राउंड ब्रेङ्क्षकग में 13488 करोड़ रुपये के निवेश के रूप में धरातल पर उतर चुके हैं। अगले महीने दिसबंर में दूसरी ग्राउंड ब्रेङ्क्षकग में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश सुशिनिचत करने का प्रयास रहेगा। इससे पहले दिल्ली में 10 हजार करोड़ रुपये के एमओयू के लिए इंवेस्टर कनक्लेव प्रस्तावित है।

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