हिमाचल में अब रिटायरमेंट पर मिलेंगे एक लाख, दस साल सेवाएं देने वालों को लाभ

सहकारिता दिवस पर सहकारी कर्मियों को तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारी कल्याण कोष पीएसीएस सेवा नियमावली के अंतर्गत कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति सहायता राशि को दस वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद एक लाख रुपए करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी ऐसी प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी सभाओं जिनके सभी सदस्य हिमाचली कृषक हैं, को जमीन खरीदने व बेचने के संबंध में हिमाचल प्रदेश मुजारियत और भू-सुधार अधिनियम 1972 की धारा-118 को छूट देने के संदर्भ में शीघ्र ही नियमों में उचित प्रावधान करने के लिए पग उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के साथ-साथ सरकार द्वारा चलाई जा रही सार्वजनिक वितरण योजना, उर्वरक और कृषि उपकरणों के वितरण के प्रभावी कार्यान्वयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 68वें अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह के अवसर पर ऊना विधानसभा क्षेत्र के मैहतपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि वर्ष 1892 में ऊना के पंजावर गांव में भारत की पहली सहकारी समिति का गठन हुआ। प्रदेश में 4843 विभिन्न प्रकार की सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनमें 17.03 लाख सदस्यों के पास 490 करोड़ रुपए के शेयर, 32,788 करोड़ रुपए कोलेट्रल और 42863.49 करोड़ रुपए कार्यशील पूंजी के रूप में हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा अनुमोदित ऊना जिला के लिए 25.09 करोड़ रुपए की एकीकृत सहकारी विकास परियोजना का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस एकीकृत सहकारी परियोजना के क्रियान्वयन से जिला की 378 विभिन्न प्रकार की सहकारी संस्थाओं को अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे के निर्माण, गोदामों के निर्माण, मरम्मत और उनकी कार्यशील पूंजी बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सहकारिता के महत्त्व को समझते हुए सहकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी के समय में भी राज्य ने यह सुनिश्चित किया कि विकास की गति निर्बाध चलती रहे। उन्होंने कहा कि पीजीआई का 450 करोड़ रुपए का सेटेलाइट केंद्र, इंडियन ऑयल का 550 करोड़ रुपए का डिपो, ऊना में 35 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक बस अड्डा, 20 करोड़ रुपए का मातृ शिशु अस्पताल ऊना आदि बड़े प्रोजेक्ट्स आए हैं। उन्होंने पिछली सरकार पर राज्य के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज, कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर, वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने भी संबोधित किया।

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