हिमाचल में सरकार का खजाना खाली, अब विधायकों का भी कटेगा वेतन

हिमाचल प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने सरकारी कर्मचारियों का वेतन काटने का आदेश जारी किया था। सरकार को इस इस आदेश के बाद आलोचनों का सामना करना पड़ा था। अब सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के भी वेतन काटे जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। कर्मचारियों, मंत्री, विधायकों का यह वेतन कोविड फड में जमा किया जाएगा। सीएम जयराम ठाकुर ने ऐलान किया कि मंत्री एक महीने का वेतन भी कोविड फंड में देंगे। वहीं, विधायकों का भी दो दिन का वेतन फंड में जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से आदेश जारी हुए हैं। छोटा शिमला स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक में धनराशि जमा होगी। 

आलोचना के कुछ घंटों बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को कहा कि वह खुद और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य सीएम कोविड फंड में एक महीन का वेतन देंगे। मंत्री गुरुवार को होने जा रही कैबिनेट की बैठक में चेक मुख्यमंत्री को भेंट करेंगे। इसके अलावा, प्रदेश के सभी विधायकों का दो दिन का वेतन काटकर कोविड फंड में जमा किया जाएगा। दरअसल, बीते एक साल पहले जब कोरोना फैला था तो सरकार ने तय किया था कि मंत्री और विधायकों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती होगी। बजट में मार्च में विधायकों के पूरे वेतन को बहाल कर दिया गया था। अप्रैल में विधायकों को पूरी सैलरी मिलेगी। ऐसे में सरकार के फैसले पर लोगों ने ऐतराज जताया और कहा कि विधायकों को जहां पूरी सैलरी मिल रही है,वहीं कर्मचारियों का वेतन काटा जा रहा है। लेकिन अब विवाद के बाद सरकार ने सभी के वेतन में कटौती का फैसला किया है।

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