अब 15 मिनट में आईजीएमसी से पीजीआई पहुंचेगा मरीज, एयर एम्बुलैंस का सफल ट्रायल

प्रदेश के लोगों को अब जल्द ही एयर एम्बुलैंस की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में भी रैस्क्यू के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा। प्रदेश सरकार ने लोगों को यह सुविधा देने के लिए चार्टर एयरक्राफ्ट सर्विसिज इंडिया के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी ने रविवार को संजौली में बने प्रदेश के पहले हैलीपोर्ट पर हैलीकॉप्टर का पहला ट्रायल किया, जो सफल रहा।


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2 पायलट सहित 7 लोग कर सकते हैं सफर

चार्टर एयरक्राफ्ट सर्विसिज इंडिया के निदेशक सेल्स अभिषेक गुप्ता ने बताया कि बहुत जल्द लोगों को राज्य के दूरदराज क्षेत्रों से शिमला और शिमला से पीजीआई चंडीगढ़ के लिए एयर एम्बुलैंस की सेवा शुरू हो जाएगी। इस सेवा के शुरू होने पर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि इस एयर एम्बुलैंस में 2 पायलट सहित 7 लोग सफर कर सकते हैं। हालांकि ऊंचे क्षेत्र में उड़ान के दौरान 6 लोगों को ही प्रैफर किया जाएगा।

एयर एम्बुलैंस में उपलब्ध होगा एक डॉक्टर और मेडिकल किट

मेडिकल एमरजैंसी के समय एयर एम्बुलैंस में एक डॉक्टर और मैडीकल किट होगी। इसके अलावा इसमें मरीज की सुविधा के लिए ऑक्सीजन की भी सुविधा होगी। एयर एम्बुलैंस शिमला से पीजीआई चंडीगढ़ केवल 35 मिनट में पहुंच सकती है। उन्होंने बताया कि इस हैलीकॉप्टर की 15 हजार फुट की ऊंचाई तक उडऩे की क्षमता है। 

दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा फायदा

प्रदेश में बर्फबारी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण हर साल कई लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है, जिससे लोगों की जान भी चली जाती है। ऐसे में इससे दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को फायदा मिलेगा। बताया जा रहा है कि कंपनी केदारनाथ और बद्रीनाथ में एयर एम्बुलैंस की सेवाएं दे रही है। इस सेवा को जल्द शुरू करने के लिए कंपनी ने सरकार को पत्र लिखा है। सरकार से मंजूरी मिलते ही इसे लोगों की सेवा के लिए शुरू किया जा सकेगा।

क्या कहते हैं जिलाधीश

उधर, इस बारे जिलाधीश आदित्य नेगी ने बताया कि उनको बीते रोज एक मेल आया था, जिसमें उन्होंने यहां के लिए संजौली में बने हैलीपोर्ट पर लैंडिंग के बारे में परमिशन के लिए कहा था।


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