Shimla News: बकाया टैक्स न देने पर भेजा नोटिस, बस अड्डा प्राधिकरण से होगी पांच करोड़ की वसूली

शिमला। बस अड्डे के टैक्स के मामले में नगर निगम ने अब बस अड्डा प्राधिकरण को नोटिस भेजा है। इस मसले पर लंबे समय से ये विवाद चला था कि इसका टैक्स बस अड्डा प्राधिकरण देगा या ठेकेदार। पिछले महीनों में ये निगम की कमेटी ने लंबी सुनवाई के बाद तय किया था कि टैक्स प्राधिकरण से ही वसूला जाएगा। नगर निगम दस्तावेजों के मुताबिक जो मालिक है, उसे टैक्स का नोटिस जारी कर रिकवरी करेगी।

हालांकि अभी तक नए बस अड्डे के बनने के बाद टैक्स की राशि निगम को नहीं मिली है। नगर निगम की ओर से ठेकेदार यानी बस अड्डा बनाने वाली कंपनी और बस अड्डा प्राधिकरण को लगातार टैक्स के लिए नोटिस जारी किए जाते रहे, लेकिन अभी तक इस मसले पर कोई फैसला नहीं लिया गया था। नगर निगम की कमेटी ने पिछले दो साल से इसमें किसे टैक्स को लेकर नोटिस जारी किया जाना है। इनके दावों से लेकर पक्षों को सुनने का काम चला था। अब इसमें फैसला लिया है कि निगम की ओर से टैक्स का नोटिस राज्य बस अड्डा प्राधिकरण को भेजने का फैसला लिया था। इस बस अड्डे का मालिक तो बस अड्डा प्राधिकरण है, ठेकेदार को तो करार के मुताबिक तय समय के लिए चलाने को दिया है। कुछ समय चलाने के बाद इसे प्राधिकरण को सौंप देगा। नियमों के मुताबिक भी टैक्स उसी से लिया जा सकता है। जमीन जिसके नाम हो या फिर राजस्व दस्तावेजों में नाम दर्ज हो। इसलिए प्राधिकरण से टैक्स लेने का फैसला लिया है।

पांच करोड़ बनता है टैक्स
टैक्स की बकाया राशि पांच करोड़ से ज्यादा बनती है। निगम प्रशासन लगातार ही इस टैक्स की राशि को रिकवर कर राजस्व बढ़ाने के प्रयास में लगा है। इसके लिए लगातार ही टैक्स रिकवरी को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। कई साल से लगातार बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण से लेकर ठेकेदार को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अब निगम को उम्मीद दिखने लगी है कि जल्द ही नए सिरे से टैक्स का आकलन कर इस मामले में टैक्स मिल सकता है।

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