Curruption in Karsog: ना बारिश ना बाहड़, फिर भी 15 दिन में ढह गया 8 लाख की लागत से बना पूल

करसोग : करसोग में लोगों के खून पसीने की कमाई से कमाए जा रहे पैसे की बर्बादी का मामला सामने आया है। यहां उपमंडल में पीएमजीएसवाई के तहत चिंडी से दछेहण के लिए 95 लाख की लागत से निर्माणाधीन सड़क पर शलाग के समीप करीब पंद्रह दिन पहले बना 4 मीटर पुल रेत की तरह ढह गया।

हैरानी की बात है कि करसोग में इन दिनों न मौसम खराब है और न ही कोई बारिश हुई है, लेकिन इसके बावजूद भी सूखे में ही पुल कैसे गिर गया, ये जांच का विषय है। हालांकि पुल गिरने की सूचना मिलने के बाद करसोग पीडब्ल्यूडी डिवीजन के अधिशाषी अभियंता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति जायजा लिया और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं पुल गिरने के बाद स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और इस तरह की लापरवाही बरतने पर ठेकेदार सहित कार्य देख रहे फील्ड अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान लापरवाही बरती गई है तभी पुल सूखे मौसम में ढह गया। बताया जा रहा है ही पहले एक सिरे पर लगाया गया डंगा गिरने के साथ में पुल भी जमींदोज हो गया। गनीमत ये रही गई घटना के वक्त पुल के ऊपर से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। सेवानिवृत अधिकारी भाग चंद वर्मा का कहना है कि पुल निर्माण में भारी लापरवाही बरती गई है। ऐसे में ठेकेदार सहित फील्ड अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकासकार्य करवाने के लिए टेक्स देती है। इस तरह ये लोगों के पैसे का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने सरकार से इस मामले की जांच किये जाने की भी मांग की है। अधिशाषी अभियंता करसोग अरविंद कुमार भारद्वाज का कहना है कि मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया गया है। अभी ठेकेदार को पुल निर्माण का भुगतान नहीं किया गया है। ठेकेदार अपने पैसे से नुकसान की भरपाई करेगा। उन्होंने कहा कि मामले की छानबीन भी की जा रही है। इस बारे में फील्ड अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी।

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