ननाल हाइड्रो प्रोजेक्ट कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, विधानसभा उपाध्यक्ष बने समझौते के सूत्रा धार

चुराह, अनिल कुमार। ननाल हाइड्रो प्रोजेक्ट कर्मचारियों की हड़ताल विधानसभा उपाध्यक्ष हंस राज के समक्ष हुए कंपनी और कर्मचारीयों के समझौते के बाद कर्मियों ने हड़ताल खत्म कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि जिस जमीन से परिवार के लिए दो वक्त की रोटी निकलती थी। उस जमीन को पावर प्रोजेक्ट को देकर कई घरों को रोशन किया है और कंपनी के साथ 40 वर्षो तक करार हुआ है। लेकिन प्रोजेक्ट में कार्यरत कुछ कर्मचारियों को बिना सूचना दिए अलग फर्म में डाल दिया गया है। कुछ कर्मचारी लैंड लूजर में नहीं आते हैं अगर वह अपने हक की बात करते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। कुछ कर्मचारियों को एक साल से मस्टरोल पर रखा गया है ओर अब उन्हें वहां से हटा कर ठेकेदार के साथ लगा दिया गया है। ताकि वह ईपीएफ अधिनियम के तहत कंपनी में अपना पंजीकरण न करवा सके।

आज तक कंपनी की ओर से उन्हें ईपीएफ, मेडिकल सुविधा, कर्मचारी बीमा, आईडी प्रूफ, शिफ्ट ट्रांसपोटिग, सेलरी स्लिप, ज्वाइनिंग लेटर, पदनाम, त्योहारी बोनस व सेलरी इंक्रीमेंट जैसी सभी तरह की सुविधाओं से वंचित रखा गया है। ऐसे में उन्हें विवश होकर आंदोलन की राह अपनानी पड़ी है। जैसे ही मामले की जानकारी विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज तक पहुची तो वो स्वंय हड़ताल पर बैठे प्रोजेक्ट कर्मचारियों से मिले और कंपनी डिरेक्टर आर. सी सिंह से इनकी समस्या को लेकर बातचीत की। विधान सभा उपाध्यक्ष हँसराज ने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियो का शोषण किसी भी दशा में सहा नही जायेगा। जल्द ही कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों की मांगो को पूरा करे जो भी नियमनुसार हो इस पर कंपनी प्रबन्धक आर सी सिंह ने अपनी सहमति जताई और कर्मचारियों की मांगों को मान लिया। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने विधानसभा उपाध्यक्ष हंस राज का आभार व्यक्त किया है इस दौरान ग्राम पंचायत तीसा-2 के प्रधान गुलाम रसूल, ब्लॉक समिति की सदस्य गीतो देवी भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

कुछ दिन पहले मामले की जानकारी मिली थी, आज स्वयं मौके पर गया था कर्मचरियों की मांगों को लेकर कंपनी के से बात की कंपनी द्वारा कर्मचारियों की मांगो को मान लिया गया है

हंसराज
विधानसभा उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश

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