शिमला में ताश के पत्तों की तरह बिखर गया बहुमंजिला भवन, देखें वीडियो

शिमला: राजधानी शिमला में बारिश से भूस्खलन का सिलसिला जारी है। वीरवार को शहर के उपनगर घौड़ाचौकी में एक बहुमंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह बिखर गया, जिससे आसपास के करीब एक दर्जन मकान भी खतरे की जद्द में आ गए हैं। प्रशासन ने सभी मकानों को खाली करवा कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करवा दिया है। मकान का मलबा आसपास के घरों तक जा पहुंचा है। वीरवार को शिमला में हुई बारिश से घौड़ाचौकी में पहाड़ी पर बने बहुमंजिला भवन का डंगा गिरना शुरू हुआ और उसके बाद धीरे-धीरे यहां से मलबा निकलना शुरू हो गया। मलबा गिरने से आसपास के मकानों में रहने वाले लोग घरों से बाहर आ गए, जिससे यहां पर लोगों का हुजूम उमड़ा रहा। घटना वीरवार सुबह की है। पहले यहां पर भवन का डंगा गिरना शुरू हुआ, उसके बाद पहले मकान में दरारें आ गईं और धीरे-धीरे मकान की दीवारें और पिल्लर ढहने शुरू हो गया, इसके बाद धीरे-धीरे शाम साढ़े 5 बजे तक बहुमंजिला भवन ढह गया। इससे आसपास के भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं।

सुबह से शुरू हुआ था भूस्खलन का सिलसिला 

बता दें कि सुबह से ही भूस्खलन होने का सिलसिला शुरू हो गया था। इसकी सूचना जैसे ही प्रशासन को दी गई तो मौके पर पुलिस, होमगार्ड और जिला प्रशासन व नगर निगम की टीम पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। टीम ने पहले बहुमंजिला मकान में रह रहे लोगों को बाहर निकाला और इसे खाली करवाया। इसमें रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। इस भवन के साथ दूसरा मकान सटा होने से यहां पर एक दर्जन मकान खतरे की जद्द में आ गए हैं। भवन के चारों ओर भूस्खलन होने से पूरी पहाड़ी दरकना शुरू हो गई है, जिससे क्षेत्र के लोग दहशत में आ गए हैं। इस भवन के आसपास रिहायशी मकानों के साथ होटल भी हैं, जिन्हें भी खाली करवा दिया गया है। इस दौरान अपनी जीवन की जमापूंजी लगाकर बनाए गए भवनों को गिरते देख लोग गमगीन हो उठे।

पूरी पहाड़ी में हो रहा भूस्खलन

घौड़ाचौकी में इस भवन के साथ लगती पूरी पहाड़ी पर बारिश के कारण रुक-रुक कर हो रहे भूस्खलन ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। इस भवन के नीचे बने एक और भवन के ऊपर मलबा गिरने से इस भवन को भी खाली करवा दिया गया है। इस क्षेत्र की पूरी पहाड़ी की जमीन धीरे-धीरे खिसकती जा रही है, जिससे प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से आसपास के सभी भवनों को खाली करवा दिया गया है ताकि कोई जानी नुकसान न हो सके।

साडा के समय बना था भवन

घौड़ाचौकी में बने इसे इस 7 मंजिला वन का निर्माण साडा के तहत वर्ष 2005 में किया गया था। भवन करीबन 15 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। साडा के तहत इस भवन का निर्माण किया गया था। उसके बाद इस क्षेत्र को नगर निगम में सम्मिलित किया गया था। प्रशासन ने करीब 10 से 12 परिवारों को यहां से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है।

जिलाधीश ने स्थिति का जायजा लिया

भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिलाधीश आदित्य नेगी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधीश ने सभी लोगों को सुरक्षित शिफ्ट करने के निर्देश दिए, साथ ही इस बहुमंजिला भवन के आसपास के भवनों को खाली करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान पुलिस व होमगार्ड के जवानों ने लोगों को सुरक्षित घरों से बाहर निकाल कर दूसरी जगह शिफ्ट करवाया।

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