प्रधानाचार्य नियुक्ति बनी शिक्षा विभाग के गले की फांस, विरोध में खड़े हुए कई शिक्षक संगठन

सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति का मामला शिक्षा विभाग के गले की फांस बन गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय की मुहिम के विरोध में कई शिक्षक संगठन खड़े हो गए हैं। इन संगठनों के पदाधिकारी पदोन्नति कोटे से छेड़छाड़ का विरोध कर रहे हैं। जबकि स्कूल प्रवक्ता संघ कोटे को 50 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने की मांग पर अड़े हैं।

अभी प्रवक्ता और मुख्याध्यापकों को 50:50 फीसदी पदोन्नति कोटा तय किया गया है। पदोन्नति कोटे को बढ़ाने का विरोध कर रहे शिक्षक संगठनों का कहना है कि उच्च न्यायालय में पहले से एक केस दर्ज हैं। जब तक उच्च न्यायालय की ओर से इस केस का निपटारा नहीं किया जाता, तब तक इस तरह कि बैठक न्यायालय की अवमानना है।

संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संघों को विश्वास में लिए बगैर इस तरह कि बैठकें करवाईं तो प्रदेश व्यापी आंदोलन कर निदेशालय का घेराव किया जाएगा। उधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी वर्गों से चर्चा करने के बाद इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा। इस मामले को लेकर अभी प्रारंभिक बैठक हुई है। तय कुछ भी नहीं किया गया है।

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