जनमंच में सुनवाई के दौरान जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने दिया विवादित बयान

करसोग। हिमाचल में 6 माह बाद आज 23 वां जनमंच सजा । जगह-जगह मंत्री और संतरी बैठे। लोगों की समस्याएं सुनी।

इस दौरान कई बार नोकझोंक की खबरें भी सामने आई। वहीं, मंडी जिले के करसोग में आयोजित जनमंच में मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और कांग्रेस नेता गुरबख्श सिंह के बीच जुबानी जंग देखने को मिली। इस दौरान थोड़ी देर के लिए जनमंच का माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन बाद में पुलिस कर्मी ने कांग्रेसी नेता को जनमंच से बाहर निकलवाया। उसके बाद जनमंच की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई।

दरअसल, कांग्रेस नेता गुरबख्श सिंह अपने गांव बागशलाना में बनने जा रहे सीवरेज के टैंक निर्माण को लेकर विरोध जता रहे थे। उन्होंने दलील दी कि इससे गांव में प्रदूषण फैलेगा। ऐसे में इसे कहीं और बनाया जाए। साथ ही इन्होंने इसके निर्माण में जाने वाली निजी भूमि को भी सरकार को ना देने की बात कही। इस पर मंत्री जी तल्ख हो उठे और उन्होंने कांग्रेसी नेता को कहा कि ये सरकारी मंच है। इसमें कोई बाधा ना पहुंचाई जाए। अगर निर्माण कार्य में कोई निजी भूमि आ रही है तो उसका सरकार अधिग्रहण करेगी और उसके बदले में मुआवजा देगी। इस पर गुरबख्श सिंह ने कहा कि जब वो जमीन देना ही नहीं चाहेंगे तो सरकार कैसे ले लेगी।

इस पर मंत्री बोले कि अगर नहीं देंगे तो जबरदस्ती ले ली जाएगी। फिर चाहे कोर्ट जाओ या कहीं और। इसके बाद पुलिस कर्मी गुरबख्श सिंह को साइड में ले गए और उसके बाद मामला शांत हुआ। वहीं इस दौरान मंत्री जी ठेकेदारों के प्रति भी तल्ख नजर आए और समय पर काम न करने को लेकर गुस्सा जाहिर किया।

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