मंडी के भूतनाथ मंदिर से केदारनाथ धाम के किए लाइव दर्शन

मंडी। मंडी के बाबा भूतनाथ मंदिर से केदारनाथ धाम के लाइव दर्शन किए। इस मौके पर जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल,नगर निगम की महापौर दिपाली जस्वाल, उप महापौर वीरेंद्र भट्ट सहित अन्य पार्षदगण, मिल्कफेड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, ज़िला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अजय राणा, उपायुक्त अरिंदम चौधरी, एसडीएम रितिका जिंदल, ज़िला भाजपा अध्यक्ष रणवीर सिंह और दलीप सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष कपूर, सहित अन्य लोग मौजूद हैं।

इस मौके पर बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत श्री देवानंद सरस्वती महाराज, भुंतर के श्री राधा कृष्ण मंदिर के महंत श्री रामशरण दास महाराज व उनके शिष्य श्री हरिमोहन दास, असम गुवाहाटी से बाबा श्री श्रवण दास महाराज विशेष रूप से उपस्थित हैं।

बाबा भूतनाथ मंदिर का इतिहास

पुजारी, महंत देवानंद सरस्वती ने कहा कि बाबा भूतनाथ के मंदिर का इतिहास करीब पांच सौ साल पुराना है। यह मंदिर जनपद के सबसे पुराने मंदिरों में शूमार है। मंदिर का निर्माण मंडी रियासत के तत्कालीन राजा अजबर सेन ने 1526 इस्वी में करवाया था। मंडी शहर में कई अन्य शिवालय मौजूद हैं। लेकिन छोटी काशी के नाम से मशहूर इस प्राचीन नगरी में रहने वाले लोग व यहां पहुंचने वाले शिवभक्त इस मंदिर में भोले बाबा के दर्शन करना नहीं भूलते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार जिस स्थान पर बाबा भूतनाथ मंदिर का मंदिर है वहां पर कभी घना जंगल हुआ करता था। आस पास रहने वाले लोग अपने पशुओं को इस जंगल में चराने के लिए लाया करते थे। इनमें से एक गाय हर रोज एक स्थान पर खड़े होकर उसके थनों से स्वयं दूध की धारा बहने लगती थी। जब इस बात का पता रियासत के उस समय के राजा अजबेर सेन को चला तो वह स्वयं वहां पहुंचे और उस स्थान की खोदाई करवाने पर यहां स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुआ। इसके बाद राजा ने यहां पर भव्य मंदिर का निर्माण किया।

बाबा भूतनाथ मंदिर में शिवलिंग धरती से स्वयं प्रकट हुआ है। प्राचीन मंदिर में पूजा अर्चना की प्राचीन परंपराओं का आज भी निर्वहन किया जा रहा है। शिवरात्रि के दौरान भी यहां पर विशेष पूजा पद्धति से अनुष्ठान किया जाता है। श्रावण मास के दौरान यहां पर लोग दूर दूर से जलाभिषेक व पूजा करने पहुंचते है।

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