मंडी जिले में नाबालिग लड़की की शादी करवाने पर स्वजनों के खिलाफ कसा कानूनी शिकंजा

मंडी जिले के बल्ह उपमंडल में नाबालिग बेटी की शादी कराने पर स्वजन पर कानूनी शिकंजा कस गया है। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सदर कृष्ण पाल की शिकायत पर थाना बल्ह ने लड़का-लड़की दोनों के स्वजन के विरुद्ध बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया है। स्वजन के अलावा विवाह करवाने में जिन रिश्तेदारों की भूमिका रही है पुलिस उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई करेगी। संबंधित क्षेत्र की आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) के विरुद्ध भी लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

बाल कल्याण समिति मंडी ने नाबालिग को उसके मां के संरक्षण में करीब एक साल पहले सौंपा था। नाबालिग ने गत दिनों नागरिक अस्पताल सुंदरनगर में बच्चे को जन्म दिया है। स्वजन ने करीब डेढ़ साल पहले 15 साल की आयु में उसकी शादी करवा दी थी। चाइल्ड लाइन व जिला बाल संरक्षण इकाई ने नाबालिग को रेस्क्यू कर उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया था। दोनों पक्षों के शपथपत्र लेने के बाद समिति ने उसे मां के संरक्षण में सौंपा था। बालिग होने तक उसे संरक्षण से बाहर न भेजने की हिदायत दी थी, लेकिन समिति के इस आदेश पर किसी ने कोई गौर नहीं किया। आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) ने अपनी जिम्मेदारी का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया। नाबालिग की उम्र जांचे बिना उसका जच्चा बच्चा कार्ड बना दिया था। उच्च अधिकारियों को बाल विवाह से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी थी।

मीडिया ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया तो बाल कल्याण समिति व जिला बाल संरक्षण इकाई ने सीडीपीओ सदर से इस मामले में जवाबतलब किया था। लड़का-लड़की दोनों के स्वजन को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। 12 अगस्त को हुई सुनवाई में समिति के समक्ष स्वजन ने बाल विवाह करवाए जाने की बात स्वीकार की थी। सीडीपीओ कार्यालय की तरफ से करवाई गई जांच में बाल विवाह करवाने के आरोप सही पाए गए थे। सीडीपीओ सदर की शिकायत पर लड़का लड़की दोनों के स्वजन के विरुद्ध बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। मामले में जिसकी भी संलिप्तता पाई जाएगी उन सभी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होगी।

-अनिल पटियाल, डीएसपी लीव रिजर्व मंडी।

error: Content is protected !!