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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का सीएम पर तीखा जुबानी हमला, परिवार भी निशाने पर

RIGHT NEWS INDIA: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सीएम जयराम ठाकुर व नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के बीच वाकयुद्ध चला हुआ है।

ये वाक युद्ध आज परिवार तक पहुंच गया है। आज नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने हदें पार करते हुए सीएम जयराम ठाकुर के परिवार तक पहुंचकर तीखा जुबानी हमला बोला है। मंडी जिला मुख्यालय के साथ लगते भड़याल में आयोजित कांग्रेस के नव संकल्प चिंतन शिविर में मुकेश अग्निहोत्री एक तरह से आपा खोते हुए नजर आए। हेलिकॉप्टर को लेकर चल रहे जुबानी तीरों के बीच आज मुकेश अग्निहोत्री ने अपने भाषण में सारी हदें पार कर दी। उन्होंने सीएम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर हेलिकॉप्टर मुकेश के टब्बर (परिवार) का नहीं है तो किसी की सहेलियों का भी नहीं है। मुकेश अग्निहोत्री यहीं नहीं रूके, उन्होंने सीएम को बड़े कठोर शब्दों में चेतावनी दी कि अगर उनके परिवार यानी पत्नी और बच्चों पर जाओगे तो फिर सीएम को भी इस बात को याद रखना होगा कि उनके परिवार में भी दो बेटियां और एक पत्नी है। बात अगर बढ़ेगी तो दूर तक जाएगी। मुकेश ने कहा कि बेहतर होगा कि सीएम अपनी पार्टी को संभालें। बीजेपी सरकार की छलनी में कितने छेद हैं, इसका जल्द ही पता चल जाएगा।

मुकेश अग्निहोत्री ने बीजेपी के त्रिदेव सम्मेलन को लेकर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमने बिजली महादेव और हर हर महादेव सुना था, लेकिन बीजेपी त्रिदेव लेकर आ गई और इनमें खुद को ही देवता घोषित कर रखा है। यह देवभूमि के देवी-देवताओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि बीजेपी त्रिदेव के सहारे चुनावी जीत की बात कह रही है, उस वक्त ये त्रिदेव कहां थे जब हिमाचल में बीजेपी की उपचुनावों में करारी हार हुई थी।

एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी की गुटबाजी खुलकर सामने आने से संगठन की मजबूती जग जाहिर हो रही है वहीं अब कांग्रेस के कार्यक्रमों से लोग भी दूरी बनाने लगे हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिला मंडी के बल्ह में जहां कांग्रेस पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान लोग वहां से खिसकते नजर आए। भडयाल में नव संकल्प चिंतन शिविर में प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री विशेष रूप से मौजूद रहे। शिविर में कांग्रेस कमेटी ने ब्लॉक के सभी अध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी। एक एक करके जैसे ही ब्लॉक के अध्यक्ष अपनी रिपोर्ट कार्यक्रम में रखने लगे तो वहां पर मौजूद जनता ने खिसकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते कार्यक्रम में पंडाल में खाली कुर्सियां रह गयी और कुछ ही लोग वहां पर मौजूद रह गए। कुछ लोग कार्यक्रम में शारीरिक रूप से बैठे जरूर थे, लेकिन वे गप्पे मारते रहे। वहीं कुछ की वक्ताओं का भाषण को सुनने के दौरान कुर्सी पर ही आंख भी लग गई। जब मुख्य वक्ताओं की बोलने की बारी आई तो कई कुर्सियां खाली हो चुकी थीं। खाली कुर्सियां को देखकर मंच संचालक को यह कहना पड़ा कि जो लोग बाहर इधर-उधर घूम रहे हैं, वह अंदर आकर बैठ जाएं।

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