कोलकाता का ट्रैकर ग्रुप खमींगर ग्लेशियर में फंसा, अब तक दो की मौत की सूचना

समुद्र तल से 5034 मीटर की ऊंचाई पर स्थित स्पीति घाटी के खमींगर ग्लेशियर में बर्फबारी होने के कारण ट्रैकिंग पर निकला पश्चिम बंगाल के पर्वतारोहियों का 18 सदस्यीय दल फंस गया है, जिनमें से दो पर्वतारोहियों की मौत हो गई है।

ताजा बर्फबारी और तूफानी हवाएं चलने से वहां फंसे पर्वतारोही अब भी मुश्किल में हैं। उधर, प्रशासन ने सूचना मिलते ही 32 सदस्यों का रेस्क्यू दल ग्लेशियर के लिए रवाना कर दिया है। प्रशासन ने सरकार से हेलिकॉप्टर मांगा है। रेस्क्यू दल को ग्लेशियर तक पहुंचने में ही कम से कम तीन दिन का समय लगेगा। ऐसे में वहां फंसे लोगों की जान खतरे में है। जानकारी के अनुसार, 15 सिंतबर को इंडियन माउंटेनिंरिग फांउडेशन पश्चिम बंगाल के छह सदस्य बातल से काजा वाया खमींगर ग्लेशियर के लिए ट्रैकिंग पर निकले थे। इनके साथ 12 पोटर भी थे। ग्लेशियर में खराब मौसम के बीच बंगाल के भास्कर देव मुखोपाध्याय (61) और संदीप कुमार ठाकुराता की मौत हुई है।

सूचना के मुताबिक तीन ट्रैकर, एक शेरपा यानी लोकल गाइड और 10 पोटर अभी खंमीगर गलेशियर में फंसे हुए है। उपायुक्त नीरज कुमार ने बताया कि ग्लेशियर से लौटे दो पर्वतारोहियों ने ट्रैकरों के फंसने की सूचना प्रशासन को दी है। इसके बाद प्रशासन ने 32 सदस्यों की एक रेस्क्यू टीम बनाई है। इस टीम में 16 आईटीबीपी के जवान, एक चिकित्सक सहित छठी डोगरा स्काउट के जवान, 10 पोटर शामिल हैं। हेलिकाप्टर के माध्यम से रेस्क्यू करने के लिए बातचीत की गई है। वहां पर हेलिकॉप्टर के माध्यम से नहीं पहुंचा जा सकता है, इसलिए 32 सदस्यीय रेस्क्यू दल का गठन किया गया है। रेस्क्यू कार्य पिन घाटी के काह गांव से शुरू होगा। पहले दिन 28 सितंबर को काह से चंकथांगो, दूसरे दिन चंकथांगो से धार थांगो और अंतिम दिन धारथांगो से खमींगर गलेशियर रेस्क्यू टीम पहुंचेगी। वहीं तीन दिन वापिस खंमीगर ग्लेशियर से काह पहुंचने में लगेंगे।

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