किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज कर की किसानों के हत्यारे के खिलाफ कार्यवाही की मांग

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर उपमंडल अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भारत गणराज्य, नई दिल्ली को ज्ञापन भेजा और मांग की गई की लखीमपुर खीरी में किसानों की बर्बर हत्या पर तुरंत तुरंत कार्यवाही की जाए। इस संदर्भ में अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रभारी खुब राम ने कहा कि कल 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) में किसानों को रौंदकर दिनदहाड़े उनकी बर्बर हत्या करने की घटना से पूरा देश क्षुब्ध है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र “टेनी” के बेटे और उसके गुंडे साथियों ने जिस बेखौफ तरीके से यह कातिलाना हमला किया वह उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की एक गहरी साजिश दिखाता है। अजय मिश्रा पहले ही किसानों के खिलाफ भड़काऊ और अपमानजनक भाषण देकर इस हमले की भूमिका बना चुके थे। यह संयोग नहीं कि उसी दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सार्वजनिक तौर पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को किसानों के खिलाफ लट्ठ उठाने और हिंसा करने के लिए उकसा रहे हैं।इस घटना से यह साफ हो जाता है संवैधानिक पदों पर बैठे यह व्यक्ति अपने पद का उपयोग शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अन्नदाता के विरुद्ध सुनियोजित हिंसा के लिए कर रहे हैं। साथी परस राम अध्यक्ष हिमाचल किसान सभा ने कहा कि यह कानून, संविधान और देश के प्रति अपराध है।

जोगिंदर बलिया, संयोजक किसान मोर्चा ने मांग की कि केंद्रीय राज्य गृह मंत्री टेनीसन मिश्र टेनी को तुरंत अपने पद से बर्खास्त किया जाए और उनके विरुद्ध हिंसा उकसाने और सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का मुकदमा दायर किया जाए।

मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा “मोनू” और उसके साथी गुंडों पर तुरंत 302 (हत्या) का मुकदमा दर्ज हो और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
किसान सभा के अध्यक्ष ने वारदात की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी द्वारा की जाय।

संवैधानिक पद पर रहते हुए हिंसा के लिए उकसाने के दोषी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उनके पद से बर्खास्त किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में जोगिन्दर वालिया के इलाबा, खुब राम,कुलदीप, परस राम, नूर आलम, फारूक मांडा, सुहेल, चमन लाल, रोशन लाल और गंगाराम ने भी भाग लिया।

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