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किन्नौर में आईटीबीपी की टीम को मिला आठ माह से लापता पश्चिम बंगाल के ट्रैकर का शव

West Bengal Tracker, जिला किन्नौर के छितकुल के पास लामखागा में पेट्रोलिंग पर गई ITBP (INDO TIBETAN BORDER POLICE FORCE) व SRP टीम ने शनिवार शाम को पश्चिम बंगाल के एक पर्यटक का शव आठ माह बाद मिला है। आइटीबीपी ने शव को किन्नौर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी सांगला में रखा है।

मृतक की पहचान सुखेन मांझी गांव रघापुर डाकघर नेपालगंज जिला साउथ 24 प्रागना, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। आइटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट विनय शर्मा ने 17 जून को सांगला थाना में सूचना दी थी कि लामखागा नामक स्थान पर जब उनके जवान गश्त पर थे तो उन्हें वहां पर किसी व्यक्ति का शव पड़ा हुआ मिला है।

आइटीबीपी के जवानों ने शनिवार शाम को शव व बरामद सामान चेक पोस्ट खन्ना दुमती लाया गया। शव बरामद होने की सूचना मिलते ही थाना सांगला से थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ चेक पोस्ट खन्ना दुमती पहुंचे तथा मामले की छानबीन की। छानबीन से पुलिस को शक हुआ कि यह शव पश्चिम बंगाल के उस पर्यटक का है जो कि अक्टूबर 2021 में अपने दल के साथ ट्रैकिंग के लिए आया था जो कि अभी तक लापता था। शव की पहचान के लिए पुलिस ने मृतक के स्वजन से संपर्क किया तथा शव व बरामद सामान के फोटो स्वजन को भेजे। भाई सुभेंद्रू मांझी व पत्नी लोभनी मांझी ने शव की पहचान की।

सात पर्यटकों की मौत हुई थी

अक्टूबर, 2021 में जिला किन्नौर के छितकुल क्षेत्र के निथ्थल ताच नामक स्थान के पास ट्रैकिंग के लिए 11 पर्यटकों का एक दल ट्रैकिंग के लिए निकला था जिसमें सात पर्यटकों की मौत हो गई थी जबकि दो को रेस्क्यू कर लिया गया था। इनमें से दो पर्यटक सुखेन मांझी व ज्ञान चंद लापता थे, जिसमें से सुखेन मांझी का शव बरामद कर लिया गया है जबकि ज्ञान चंद अभी भी लापता है।

क्या कहते हैं अधिकारी

एसपी किन्नौर अशोक रतन ने शव की पुष्टि की गई है तथा सीएचसी सांगला में शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। मृतक के स्वजन को भी सूचित कर लिया गया है।

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