पदोन्नतियों में रोस्टर दरकिनार करना असंवैधानिक- दर्शन लाल

पदोन्नतियों में रोस्टर की अनुपालना हर हाल में सुनिश्चित हो।
यह मांग अनुसूचित जाति जनजाति सरकारी कर्मचारी कल्याण संघ की जिला मंडी इकाई द्वारा सरकार से की गई। संघ के जिलाध्यक्ष दर्शन लाल ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत सभी भर्तियों और पदोन्नतियों में रोस्टर की अनुपालना निश्चित की गई है । ताकि किसी वर्ग के साथ अन्याय ना हो। कहा कि विभिन्न विभागों में बहुत सी पदोन्नतियों में रोस्टर की अनुपालन उचित रूप से नहीं की जाती है। जिससे इस वर्ग के कर्मचारी पदोन्नतियों से वंचित हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह का हाशियाकरण संवैधानिक अधिकारों का हनन है। जिसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने जेबीटी से एचटी के रूप में की गई पदोन्नति का उल्लेख किया। कहा कि हाल ही में जिला मंडी में 102 जेबीटी अध्यापकों को मुख्य शिक्षक के रूप में पदोन्नत किया गया है। जिसमें सामान्य वर्ग से 91 अध्यापक मुख्य शिक्षक बनाए गए। जबकि अनुसूचित जाति वर्ग से मात्र 11 अध्यापकों को मुख्य शिक्षक के रूप में पदोन्नत किया गया है। कहा की उचित रोस्टर की अनुपालना करते हुए अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग से 23 अध्यापकों को पदोन्नति प्रदान की जानी चाहिए थी। यही वजह है कि रोस्टर के अभाव में बहुत से अध्यापक पदोन्नति में पिछड़ते जा रहे हैं है।

उन्होंने विभाग व सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश में सभी भर्तियों और पदोन्नतियों में हर हाल में रोस्टर की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। ताकि संविधानिक व्यवस्था की गरिमा बरकरार रहे। बैठक में जिला कार्यसमिति में उपाध्यक्ष भीम सिंह यादव, कोषाध्यक्ष राजेश नंदा, देवकीनंदन, पवन पहलवाल, नरेश कुमार, जालम सिंह यादव, जय सिंह, राजेश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे ।

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