जनाब की जनसभा में कोरोना प्रोटोकॉल की उड़ रही धज्जियां, बिना मास्क के सैंकड़ो की भीड़ दे रही कोरोना को न्योता

गोहर, सुभाग सचदेवा। क्या कोरोना स्कूल कालेज के बच्चों के स्कूल कालेज जाने से फैलता है या शादियों में सौ पचास लोगों के एकत्र होने से। सरकार कोरोना की दुसरी लहर के भयानक नतीजों से बेशक डरी हुई है मगर सरकार का डर और सरकार के तुगलकी फरमान देश व प्रदेश के भविष्य को संवारने की बजाय अंधकारमय बनाने पर तुली हुई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व उनके सिपहसालार कोरोना के डर से स्कूल कालेज नहीं खोल रहे।

जलशक्ति मंत्री और विधायक बिना मास्क और सोशल डिस्टनसिंग

सरकार को डर सता रहा है कि कहीं कोरोना पुनः बेकाबू न हो जाए। मगर सरकार के सिपहसालार सरकार के बड़े बड़े मंत्री बड़ी बड़ी जनसभाओं सैंकड़ो हजारों की भीड़ इकट्ठा कर जनसभाओं को संबोधित कर फूले नहीं समा रहे। हैरानी की बात है कि इन जनसभाओं रैलियों में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही है न सोशल डिसटैंसिग न मास्क कार्यकर्ता तो कार्यकर्ता मंत्री व नेता स्वयं भी न तो मास्क लगाते हैं न दुरी का ध्यान रखते हैं। क्या रैलियां व जनसभाओं में कोरोना के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

जनसभा में बिना मास्क और सोशल डिस्टनसिंग के बैठे लोग

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश में अगर कोरोना पर काबू पाना है तो स्वयं अपनी कार्यप्रणाली पर काबू पाने की शुरुआत करो। अपने सिपहसालारों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश जारी कीजिए। स्कूल कालेज में बच्चे तो एस ओ पी का पालन करते हैं मास्क लगाते हैं सेनेटाइजर समाजिक दुरी का ध्यान रखते हैं पर सरकार किस और जा रही है। प्रदेश में अगर कोरोना की तिसरी लहर आती है तो स्वयं सरकार की लचर कार्यप्रणाली लापरवाही व मुख्यमंत्री व मंत्रीगण जिम्मेदार होंगे स्कूल कालेज के बच्चे नहीं। स्कूल कालेज खोल दिए जाएं। बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।रोक लगानी है तो सरकारी रैलियों व कार्यक्रमों में लगाईं जाए।

बिना मास्क और सोशल डिस्टनसिंग उद्घाटन

मंत्री के कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही है न सोशल डिसटैंसिग न मास्क कुछ नहीं जरुरी मंत्री विधायक बिना मास्क आम जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं।

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