कुल्लू में पत्नी को फ़ोन पर दिया तीन तलाक, पीड़िता ने दर्ज करवाई शिकायत

हिमाचल प्रदेश में तीन तलाक का पहला मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक कुल्लू में पति ने फोन पर पत्नी को तलाक दे दिया। पीड़ित महिला ने पुलिस को इसकी शिकायत सौंपी।

पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

30 जुलाई, 2019 को भारत की संसद ने तीन तलाक के खिलाफ कानून पास करके इसे दंडनीय अपराध बनाया था। इसे एक अगस्त से लागू भी कर दिया गया था। अब इस कानून को लागू हुए दो साल हो गए हैं।

क्या है तीन तलाक?
तीन तलाक का जिक्र न तो कुरान में कहीं आया है और न ही हदीस में। यानी तीन तलाक इस्लाम का मूल भाग नहीं है। तीन तलाक से पीड़ित कोई महिला उच्च अदालत पहुंची है तो अदालत ने कुरान और हदीस की रौशनी में ट्रिपल तलाक को गैर इस्लामिक कहा है। तीन बार तलाक को ‘तलाक-ए-बिद्दत’ कहा जाता है। बिद्दत यानी वह कार्य या प्रक्रिया जिसे इस्लाम का मूल अंग समझकर सदियों से अपनाया जा रहा है, हालांकि कुरान और हदीस की रौशनी में यह कार्य या प्रक्रिया साबित नहीं होते।

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