हिमाचल में एम्बुलेंस को रास्ता नही दिया तो होगा 15000 जुर्माना, जाने नए चालान नियम

एंबुलेंस को पास न देने की स्थिति में 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा। हिमाचल प्रदेश में संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के नए प्रावधानों को लागू किया गया है। इसके अलावा बिना टिकट के बस की छत पर सामान रखने पर भी मोटर वाहन अधिनियम में 30 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत संशोधित जुर्माने और कंपाउंडिंग लिमिट के संबंध में अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार निजी वाहन में 12 से ज्यादा सीटर वाले कांट्रेक्ट कैरिज, स्टेज कैरिज, निजी वाहनों और स्कूल बस में सीट बेल्ट पर जुर्माने का नियम लागू नहीं होगा। वाहन चलाते मोबाइल फोन आदि का इस्तेमाल करने पर पहली बार ढाई हजार रुपये, तीन साल के भीतर फिर इस्तेमाल करते मिलने पर 15000 रुपये, बिना उपयुक्त लाइसेंस वाहन चलाने की अनुमति देने पर 5000 से 7500 रुपये के बीच जुर्माना लगेगा।

बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने पर 5000 से 7500, बिना सही जानकारी दिए लाइसेंस हासिल करने पर 10000 से 15000 और अयोग्य ठहराने के बावजूद कंडक्टर बनने पर 5000 से 15 हजार तक जुर्माना लगेगा। वाहन बनाने, डीलर या वाहन उपलब्ध कराने वाले ने अगर वाहन में किसी तरह का बदलाव किया तो उस पर एक लाख से डेढ़ लाख तक जुर्माना लगेगा। नियम दरकिनार कर वाहन में बदलाव करने पर पांच से साढ़े सात हजार रुपये, तेज रफ्तार वाहन चलाने पर 3000 से 6000 रुपये, पब्लिक प्लेस पर रेसिंग या रफ्तार का ट्रायल करने पर 5000 से 15000, बिना पंजीकरण वाहन का उपयोग करने पर 3000 से 15000 जुर्माना लगेगा। बिना इंश्योरेंस वाहन चलाने पर 2000 से 6000 के बीच जुर्माना होगा। जुर्मानों की दरों को रिव्यू के दौरान बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

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