भारत बंद से एचआरटीसी को एक करोड़ का नुकसान, 550 रूटों पर नही चली बसें

किसान आंदोलन के समर्थन में हुए भारत बंद के कारण एचआरटीसी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। एचआरटीसी अधिकारियों की माने तो एक ही दिन में एचआरटीसी को एक करोड़ रुपए की चपत लगी है। पंजाब व हरियाणा के बॉर्डर बंद होने के कारण हिमाचल से बाहर बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है। एचआरटीसी करीब 550 रूटों पर इंटर स्टेट बसें चलाता हैं, लेकिन भारत बंद के कारण यह बसें नहीं चल पाई। इंटर स्टेट रूटों पर बसें न चलने के कारण जहां एचआरटीसी को बड़ी चपत लगी है, तो वहीं लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

भारत बंद के चलते हिमाचल से चंडीगढ़, पंजाब के अमृतसर, भटिंडा, अंबाला व दिल्ली आदि स्थानों जाने वाली इंटरस्टेट बस सर्विस शाम करीब 4:30 बजे तक बंद रही। राजधानी शिमला के आईएसबीटी सहित प्रदेश के अन्य जिलों से भी नाइट बस इंटरस्टेट बसें रूटों पर भेजी गई। एचआरटीसी निगम के प्रदेश के सभी डिपो से इंटरस्टेट रूट पर सोमवार सुबह बसें भेजी गई थी, लेकिन भारत बंद के ऐलान पर परवाणू सहित अन्य राज्यों के टोल प्लाज बंद होने के कारण बसें प्रदेश से बाहर नहीं जा सकी और बार्डर पर ही खड़ी रही। शाम चार बजे के बाद आंदोलन खत्म होने के बाद बसें रूटों पर गई। निगम अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार से बसों की सेवाएं सामान्य रहेगी।

एंबुलेंस को दिया रास्ता

संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर हिमाचल किसान मंच के बैनर तले हिमाचल किसान सभा, सीटू, महिला समिति, नौजवान सभा, एसएफ आई, दलित शोषण मुक्ति मंच, विज्ञान मोर्चा व अन्य सगठनों ने मिलकर विक्ट्री टनल में चक्का जाम किया। चक्का जाम के दारौन आईजीएमसी जाने वाली एंबुलेंस व मरीजों के वाहनों को परेशानी न आए, इसके लिए पुलिस विक्ट्री टनल में एंबुलेंसों व मरीजों के वाहनों को जाने के लिए व्यवस्था बनाई।

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