पहाड़ी दरकने से मकान और गौशाला गिरने की कगार पर, परिवार भय और खतरे बाबजूद उसी घर में रहने को मजबूर

गोहर, सुभाग सचदेवा। उपमंडल गोहर की ग्राम पंचायत छपराहण के गांव छपराहण में भारी बरसात के चलते पहाड़ी दरकने व ल्हासा गिरने से एक गरीब किसान की करीब 3 बीघा उपजाऊ भूमि पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और खड़ी फसल नष्ट हो गई है। प्रभावित परिवार के मकान व गौशाला के गिरने का भी खतरा बन गया है। उदमिया राम पुत्र घेथल राम ने जानकारी देते हुए बताया कि उसका एकमात्र पुश्तैनी मकान जिसके आगे से करीब 3 बीघा भूमि पूरी तरह से बह गई है। भारी बरसात के चलते पहाड़ी दरकने व ल्हासा गिरने से मकान सहित गौशाला के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। पूरा परिवार खतरे की जद में अपना जीवन जीने को विवश है। केवल एक मात्र मकान होने के चलते 7 सदस्यों का यह परिवार उसी मकान में डर और भय के साए में रहने को विवश है।

प्रभावित परिवार के उदमिया राम ने कहा कि गत रात्रि मकान के आंगन के साथ ही पूरी जमीन दरक गई। जिससे उसके मकान और गौशाला के गिरने का खतरा पैदा गया है। भारी बरसात के चलते ल्हासा गिरने से जिससे उसकी करीब 3 बीघा उपजाऊ भूमि में बिजी अदरक व मक्की की नकदी फसल तबाह हो गई है। अगर जल्दी ही कुछ उपाय नहीं किया गया तो मकान और गौशाला भी ढह सकती है।प्रधान ग्राम पंचायत छपराहण दिनेश कुमार ने मौका कर प्रशासन को स्थिति से अवगत करा दिया गया है और प्रभावित परिवार को प्रशासन से अतिशीघ्र सहायता करने की मांग की है।

गत रात्रि ग्राम पंचायत परवाड़ा में शेर सिंह गांव अनाह मे भी मकान के ऊपर ल्हासा गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। तहसीलदार गोहर कृष्ण कुमार ने बताया कि प्रभावित परिवार को फौरी राहत लिए तिरपाल मुहैया करा दिए गए हैं। प्रभावित परिवार को सुरक्षित स्थान में भेजने का इंतजाम किया जा रहा है। नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता प्रशासन की ओर से मुहैया कराई जाएगी।

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