हिमाचल पुलिस कर्मियों की जेसीसी बैठक से जगी उम्मीदें, साप्ताहिक अवकाश समेत उठेंगे ये मुद्दे

शिमला। Himachal Police, संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक से 17 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को भी बड़ी उम्मीदें हैं। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश पुलिस कल्याण संघ के अध्यक्ष रमेश चौहान ने अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के मुखिया अश्वनी ठाकुर से मुलाकात की।

उन्होंने मांग पत्र पहले ही 12 सितंबर को सौंप रखा है। उन्होंने कहा कि बैठक से पुलिस कर्मचारियों को राहत मिलने के आसार हैं। अगर राहत मिलती तो वह कोर्ट से केस वापस लेंगे।

उनकी प्रमुख मांग है कि जो भी पुलिस कांस्टेबल नियमित होने के लिए आठ साल के फेर में फंसे हैं, उन्हें राहत दिलाई जाए। विभाग में कांस्टेबल की भर्ती तो नियमित आधार पर होती है, लेकिन आर्थिक लाभ आठ साल के सेवाकाल के बाद मिलते हैं, जबकि अनुबंध कर्मी भी तीन साल के बाद नियमित हो जाते हैं। पुलिस कर्मी चाहते हैं कि उन्हें एक महीने का अतिरिक्त वेतन 2012 के संशोधित वेतनमान पर मिले।

साप्ताहिक अवकाश की सुविधा मिले

पुलिस विभाग में कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश की सुविधा मिले। कुल सेवाकाल में तीन पदोन्नति की जाएं। पहली 16 साल, दूसरी 24 और तीसरी 32 साल में दी जाए। नीली टोपी की व्यवस्था स्थायी की जाए। कोर्ट से स्टे होने के कारण फैसला आने पर अभी नीली कैप की है, लेकिन यह एक अस्थायी व्यवस्था है।

अधिकारियों से भी की मुलाकात

पुलिस कल्याण संघ के अध्यक्ष रमेश चौहान ने एक दिन पूर्व ही पुलिस विभाग, गृह विभाग, सरकार के आला अधिकारियों के सामने भी अपना पक्ष रखा था। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह पुलिस कर्मचारियों को राहत दी जाए।

पुलिस कल्‍याण संघ ने भी उठाई मांगें

पुलिस कल्‍याण संघ के प्रदेश अध्‍यक्ष रमेश चौहान का कहना है जेसीसी बैठक के लिए मांग पत्र कुछ दिन पहले दिया गया था। मैंने अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सरकार से मान्यता प्राप्त अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर से मुलाकात की और कई अहम मांगों को प्रमुखता से उठाया है।

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