लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाइवे के कर्मचारियों की तीन महीने की छुटियाँ रद्द

जिला कुल्लू के साथ पूरे प्रदेश में प्री मानसून ने दस्तक दे दी है। 26 जून से हिमाचल में मानूसन भी दस्तक दे देगा। ऐसे में लोनिवि और एनएच अथॉरिटी ने अभी से ही कमर कस ली है। बरसात और सेब सीजन में हाईवे और संपर्क मार्ग अवरुद्ध न हो, इसके लिए भूस्खलन से संवेदनशील जगहों पर जेसीबी और डोजर की तैनाती कर दी है।
जिला कुल्लू में बरसात के मौसम से निपटने के लिए करीब 1250 फील्ड स्टाफ अधिकारियों और मजदूरों की छुट्टियों को भी रद्द कर दिया है।

बरसात के दिनों में जिले मैं सब्जियों के साथ नाशपाती और सेब का भी सीजन शुरू हो जाता है। ऐसे में बरसात के मौसम न किसान-बागवानों के साथ आम लोगों को किसी तरह से परेशान न होना पड़े, इसके लिए लोनिवि और एनएच ने सभी फील्ड अधिकारियों को मानसून से पूरी तैयारियों से निपटने के आदेश जारी कर दिए हैं।

जिले में कुल्लू-मनाली वामतट, औट-लुहरी-सैंज हाईवे, लारजी सैंज समेत करीब एक दर्जन सड़कें ऐसी हैं, जो भूस्खलन के लिहाज से अति संवेदनशील हैं। इसे देखते हुए लोनिवि और एनएच ने यहां पर जेसीबी और डोजर की तैनाती कर दी है। लोनिवि कुल्लू के अधीक्षण अभियंता केके शर्मा ने कहा कि मानसून को देखते हुए लोनिवि ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियों को सितंबर माह तक के लिए रद्द कर दिया है। मात्र आपातकालीन में ही अवकाश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानसून के निपटने के लिए लोनिवि तैयार है। उन्होंने कहा कि विभाग के पास छह जेसीबी, तीन डोजर तथा नौ टिपर हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर बाहर से भी मशीनरी को हायर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरसात में विभाग को करीब 30 जेसीबी की बाहर से जरूरत रहती है।

एडीएम कुल्लू एसके पराशर ने कहा कि बरसात में प्रशासन की ओर से समय-समय पर जिलावासियों के साथ ब्यास सहित नदी नाले किनारे रहने वाले लोगों के साथ झुग्गी झोपड़ी में गुजर बसर करने वालों को अलर्ट करते रहते हैं। आपातकालीन स्थिति में लोग 1107 पर फोन कर सकते हैं।

एसडीओ और जेई भी नहीं जा सकेंगे अवकाश पर
मानूसन में आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लोनिवि और नैशनल हाईवे पर तैनात सहायक अभियंता और जेई भी अवकाश पर नहीं जा सकेंगे। जिला कुल्लू के बंजार, कुल्लू और मनाली डिवीजन के 750 फील्ड स्टाफ, आनी डिवीजन में 300, नेशनल हाईवे के 100 तथा करीब 100 अधिकारी शामिल हैं।

जिले में 60 सड़कें भूस्खलन से प्रभावित
बरसात के दिनों भूस्खलन के लिहाज से कुल्लू जिला अति संवेदनशील है। जिले में कुल्लू-मनाली वामतट, औट-आनी-सैंज हाईवे-305, पनगां-शंगचर, लारजी-सैंज, छरोड़नाला-छमाहण, राणाबाग-करशाला, राणाबाग-बलेहड़, खनाग-रोहाचला सहित करीब एक दर्जन मार्ग अति संवेदनशील है। इसके अलावा जिला में 50 से अधिक ऐसे मार्ग है, जहां बरसात में भूस्खलन, पत्थर और मलबा गिरने का खतरा रहता है।


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