हिमाचली छात्र अब सरकारी विभागों में भी की जा सकेगी फ़ेलोशिप और इंटर्नशिप

सभी सरकारी विभागों और जन प्रतिनिधि कार्यालयों में विद्यार्थियों को फैलोशिप और इंटर्नशिप करवाई जाएगी। जिससे राष्ट्र निर्माण और विकास नियोजन प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। ये बात शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने स्वर्णिम हिमाचल प्रदेश दृष्टि पत्र-2017 के कार्यान्वयन के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने सभी सरकारी विभागों और जन प्रतिनिधि कार्यालयों में विद्यार्थियों को फैलोशिप और इंटर्नशिप करवाने के लिए एक योजना तैयार करने और अमल में लाने के निर्देश दिए।

शहरी विकास विभाग द्वारा ट्यूलिप योजना का कार्यान्वय किया जा रहा है, जिसके तहत चयनित विद्यार्थियों को इंटर्नशिप करवाई जा रही है। प्रदेश में जैविक, अजैविक एवं घरेलू हानिकारक कचरे को अलग-अलग कर निष्पादन की प्रणाली तैयार की गई है। प्रदेश में 47 स्थानीय निकायों में जैविक कचरा निष्पादन केंद्र बनाए जा चुके हैं। प्रदेश में कुल 258852 चयनित बीपीएल परिवार हैं। बीपीएल प गरीब परिवारों के चयन के लिए निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गत चार वर्षों में 11,935 परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7787 आवास निर्मित किए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2018-19 से लेकर 2020-21 तक 3931 आवास निर्मित किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 से दोनों योजनाओं के अन्तर्गत 1.50 लाख रुपये प्रति इकाई सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

मनरेगा के तहत प्रत्येक पंचायत में शमशान घाट निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग ङ्क्षसह, सचिव शहरी विकास रजनीश, सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार, सचिव ग्रामीण विकास संदीप भटनागर, सचिव आवास अक्षय सूद तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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