हिमाचल: हिम केयर कार्ड ना बनने पर नगर निगम में हंगामा

शिमला. शिमला शहर में नगर निगम परिधि के भीतर हिमकेयर कार्ड (Himcare Card) न बनने पर एमसी की बैठक में खूब हंगामा हुआ. सोमवार को हुई नगर निगम शिमला की मासिक बैठक में वार्ड पार्षद किरण बाबा और अर्चना धवन ने कहा कि मासिक बैठक (Monthly Meeting) में कई बार मामला उठाने के बाद भी पात्र लोगों को हिमकेयर कार्ड नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे पात्र लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है.

वहीं, पार्षदों (Councilors) के कहना है कि जब प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना हिमकेयर के तहत 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य लाभ मिलता है. लेकिन शिमला शहर के बीच पात्र लोगों के कार्ड नहीं बन रहे हैं. जिसका लाभ पात्र लोगों को नहीं मिल पा रहा है.

पार्षद किरण बाबा ने कहा कि आज जो मुद्दा उन्होंने उठाया था जिस पर अभी प्रशासन की ओर से आश्वासन ही मिल पाया है कि तीन दिन के भीतर उन्हें हिमकेयर कार्ड मिल पाएंगे. उन्होंने कहा कि यदि वे सात दिनों के भीतर कार्ड नहीं देते हैं तो वे पुलिस की शरण में जाएंगे. उधर मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि हिमकेयर योजना पर कार्ड बनाने वाली संस्था से उन्हें आश्वासन मिला है और एक सप्ताह के भीतर सम्बंधित वार्डों के कार्ड मुहैया करवाए जाएंगे.

सदन में करवाए पत्र पर हस्ताक्षर

उधर, मासिक बैठक के बीच एमसी शिमला के पार्षद इंदौर दौरे पर जाने की रणनीति बनाते हुए नजर आए. पार्षद आरती चौहान ने इंदौर दौरे के लिए बीच सदन में ही पत्र पर हस्ताक्षर करवाते हुए नजर आई. जिस पर अधिकतर पार्षदों ने हस्ताक्षर किए.

रेलवे ट्रैक पर ब्रिज बनाने पर गरमाया सदन

इसी बीच मज्याठ वार्ड पार्षद दिवाकर देव ने रेलवे ट्रैक पर बनने जा रहे पुल का मुद्दा उठाया तो हंगामा मच गया. जैसे ही प्रस्ताव पारित होने के लिए निगम की बैठक में आया तो टूटू वार्ड पार्षद विवेक ने इस पर स्थिति स्पष्ठ करने की मांग की उसके बाद ही प्रस्ताव पारित करने की अनुमति फि जाए इस पर वार्ड पार्षद ने विरोध जताया कहा कि जब एफ़सीपीसी की बैठक और इससे पहले 25 अगस्त को रेलवे ने जमीन देने की अनुमति दी है लेकिन अब जब काम करने की बात आई तो नगर निगम हाथ खड़े कर रहा है.

लोग निगमायुक्त का घेरवा करेंगे

दिवाकर देव का कहना है कुछेक पार्षद इसका विरोध कर रहे हैं कि रेलवे जमीन मुफ्त में दे रही है या पैसे देकर दे रही है. जिसके बाद अब सरकार को मामला भेजा जा रहा है. लेकिन स्थानीय लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है.जबकि एक सप्ताह के भीतर तीन लोगों की ट्रैक पर मौत हो गई है. इतना गम्भीर मामला होने के बाद भी एमसी ट्रैक पर ब्रिज बनाने के लिए बजट का प्रावधान नहीं मिल पा रहा है. अब इस मुद्दे पर वार्ड के लोग निगमायुक्त का घेरवा करेंगे.

शहर के विकासकार्यों पर 8 करोड़ होंगे खर्च

मासिक बैठक में शहर से जुड़े कार्यों पर भी मुहर लगाई गई जिसमें करीब 8 करोड़ से ज्यादा बजट का परावहादन किया गया. जिसमें पार्क, पार्किंग, रोड और रास्ते पर बजट खर्च किया जाएगा. मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि पिछले तीन माह बाद शहर से जुड़े विकासकार्यों पर मुहर लगी है. उन्होंने कहा कि एमसी कर्मचारियों को भी 6 फीसदी डीए देने पर भी मुहर लगी है.

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