हिमाचल हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान, पूछा, दृष्टिबाधित बच्चों को क्या सुविधाएं दे कर रहे

इंदौरा क्षेत्र की पंचायत माजरा के एक ही परिवार के दृष्टिहीन 4 बच्चों को लेकर उपमंडल व जिला प्रशासन हरकत में आया है। इन बच्चों के संदर्भ में हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। हाई कोर्ट ने चाइल्ड केयर अधिकारियों से दृष्टिबाधित बच्चों को क्या सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं की जानकारी मांगी है। उल्लेखनीय है कि वीरवार को फतेहपुर से पंजाब केसरी में ‘4 बच्चे, सभी दृष्टि बाधित परिवार पर दुखों का पहाड़ समाचार प्रकाशित हुआ था। इस समाचार के प्रकाशित होने के बाद जिला से लेकर तहसील इंदौरा तक संबंधित अधिकारियों ने वीरवार को ही पंचायत माजरा के निवासी अर्जुन व काजल के घर का दौरा किया है। माजरा पंचायत की प्रधान व इंदौरा तहसील कल्याण अधिकारी दृष्टिबाधित बच्चों के घर पहुंचे। वहीं हाई कोर्ट ने धर्मशाला स्थित जिला चाइल्ड केयर अधिकारियों से दृष्टिबाधित बच्चों को क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं की जानकारी उपलब्ध करवाने का कड़ा संज्ञान लिया है, ताकि दृष्टिबाधित व अपंग बच्चों के उचित देखरेख व सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

बता दें कि फतेहपुर क्षेत्र के सीमांत हल्का इंदौरा क्षेत्र के पंचायत माजरा गांव के एक ही परिवार के 4 बच्चे जो कि दृष्टिबाधित हैं। परिवार अतिनिर्धन है व मेहनत-मजदूरी से ही परिवार का पालन पोषण हो रहा है। खेती बाड़ी करने के लिए भी भूमि उपलब्ध नहीं है। हल्के में कई सामाजिक संस्थाएं हैं, कई राजनीतिक पार्टियां हैं, मगर किसी ने भी पीड़ित परिवार की किसी प्रकार की सहायता नहीं की। राजनीति पार्टियां झंडा व डंडा उठाने में तो मशगूल हैं, मगर क्षेत्र में एक ही परिवार के 4 बच्चे दृष्टिबाधित व दिव्यांग हों किसी प्रकार की कोई भी सहायता नहीं की है। दृष्टिबाधित बच्चों की माता काजल ने बताया कि वह भूमिहीन है व पंचायत में उनका नाम बी.पी.एल. सूची में नहीं है।

वहीं माजरा पंचायत प्रधान रीना रानी ने बताया कि पीड़ित परिवार का नाम सस्ते राशन में डाला गया है तथा मकान 10-12 वर्ष पहले सरकारी सहायता से बनाया गया है। वहीं इंदौरा से भाजपा नेता मनोहर धीमान ने कहा कि सरकार द्वारा चारों बच्चों को दिव्यांग पैंशन लगवा दी गई है। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलकर उक्त पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता करेंगे, ताकि परिवार का पालन पोषण हो सके। जिला चाइल्ड केयर अधिकारी राजेश शर्मा ने कहा कि माजरा गांव के चारों दृष्टिबाधित बच्चों को एक हफ्ते के भीतर चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी धर्मशाला के समक्ष पेश किया जाएगा तथा सी.सी.आई.ए. शिमला में विंटर सैशन के तुरंत बाद फरवरी माह में 2 बच्चों को शिफ्ट कर दिया जाएगा, जिसके लिए प्रोसेस शुरू कर दिया गया है।

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