Himachal Assembly Election 2022: चुनावों से 3 महीने पहले कांग्रेस जारी कर सकती है घोषणा पत्र

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की चुनावी तैयारियां इस बार काफी अलग हैं. राज्य में सत्ता पाने के लिए कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही अपने घोषणापत्र जारी करने की तैयारी में जुट चुकी है. कांग्रेस अगस्त महीने में ही घोषणा पत्र जारी करने का प्लान कर चुकी है. पार्टी की घोषणा पत्र को तैयार करने में कांग्रेस विधायक, पदाधिकारी जुटे हैं, वहीं घोषणापत्र में आम जनता से जुड़े हुए बड़े मुद्दों को रखा जाएगा इसके जरिए चुनाव में इन मुद्दों को भुनाने की पूरी कोशिश होगी. कांग्रेस के घोषणा पत्र में कर्मचारी, बेरोजगार, महिला ,किसान-बागवान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा जाएगा. कांग्रेस की कोशिश है कि उनके नेता जब भी जनता के बीच में जाएं तो उससे पहले पार्टी का घोषणा पत्र जनता के बीच पहुंच चुका हो, कांग्रेश हिमाचल में इस बार चुनाव में सफलता पाने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रही है. पिछली बार हुई चूक को इस बार दोहराया ना जाए . इसलिए प्रियंका गांधी की टीम ने प्रत्याशी के चयन से पहले एक सर्वे भी कराया है, इस सर्वे के आधार पर ही करीब 30 प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा.

घोषणा पत्र की तैयारी में जुटी कांग्रेस

हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच बीते चार दशक से पांच 5 साल के अंतराल पर सत्ता परिवर्तन होता चला आ रहा है. इस बार कांग्रेस को पूरी उम्मीद है कि हिमाचल प्रदेश की जनता चुनाव में भारी बहुमत से उन्हें जीत दिलाएगी. वहीं कांग्रेस हर बार की तरह इस बार चुनाव के नजदीक आने पर घोषणा पत्र नहीं जारी करने का फैसला लिया है. बल्कि 3 महीने पहले ही पार्टी का घोषणा पत्र जनता के बीच होगा. इस घोषणापत्र में जनता से जुड़े हुए ज्वलंत मुद्दों को रखा गया है. घोषणा पत्र में विधायक और पदाधिकारी जनता के बीच जाकर मौजूदा हालात का आकलन करेंगे और फिर क्षेत्रवार जनता से जुड़े मुद्दों को जगह दी जाएगी .इसके अलावा कांग्रेस मतदाताओं को लुभाने के लिए कई लोकलुभावन वादे भी कर सकती है

घोषणा पत्र में बेरोजगारी और किसान पर फोकस

हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बन चुकी है. राज्य में बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए परेशान है. देश की सेना में हिमाचल प्रदेश की बड़ी भागीदारी है . यहां से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते हैं लेकिन अग्निपथ के तहत सेना की भर्ती को लेकर युवाओं में खासा आक्रोश भी है जिसके लिए युवाओं का प्रदर्शन अभी भी जारी है. कांग्रेश अपने घोषणा पत्र के जरिए युवाओं की नाराजगी को भुनाने की कोशिश में है. वहीं दूसरी तरफ सेव के बागान की समस्या पर पूरा फोकस किया है.

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