सीनियर सेकेंडरी स्कूल को नुकसान पहुंचाने बारे केस की सुनवाई 24 तक टली

प्रदेश हाईकोर्ट में सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंडी के स्कूल भवन, खेल के मैदान को बर्बाद करने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई 24 नवंबर के लिए टल गई। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति सबिना की खंडपीठ ने इस मामले में कोई स्थगन आदेश पारित नहीं किए।

सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र विजय कुमार ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में आरोप लगाया गया है कि लॉकडाउन के दौरान सरकार ने ही स्कूल भवन, खेल के मैदान और मंच आदि को भौतिक रूप से नष्ट कर दिया है। खाली जगह को भी ढक दिया गया है। इससे स्कूल में अफरातफरी का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वहां बड़े शॉपिंग मॉल बनाने का प्रस्ताव है, जिससे कुछ अमीर लोगों और राजनीतिक नेताओं को फायदा होगा।

छात्र ने आरोप लगाया है कि एक निजी स्कूल खोलने के लिए खेल का मैदान होना अनिवार्य बनाया गया है जबकि इस स्कूल में सरकार ने खुद ही खेल के मैदान को बर्बाद कर दिया है। सरकार के डर से स्थानीय निवासी, मीडिया और सामाजिक संगठन सामने नहीं आ रहे हैं। भवन में पहले एक प्राथमिक सरकारी स्कूल था, जिसे कुछ साल पहले बंद कर दिया गया था और अब सरकार अवैध रूप से वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को भी बंद करने की साजिश रच रही है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि गरीब, अनाथ और प्रवासी बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं। अधिकारियों की ओर से छात्रों का परिणाम खराब करने की धमकी देकर मानसिक रूप से दबाव डाला जा रहा है। उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अगर मामले में कार्रवाई कर तत्काल राहत नहीं दी गई तो स्कूल को बचाने के लिए कोई छात्र आत्मदाह तक कर सकते है।

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