क्या मोदी की राह पर झूठ बोलने लग गए है जयराम ठाकुर, हिमाचल में हर ओर दिखा बन्द का असर

आज देश भर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत की ओर से भारत बंद का आयोजन किया गया। जिसका जबरदस्त असर हिमाचल में भी देखने को मिला। कई जगह मार्किट बंद रही और किसानों ने सड़कों पर उतर कर रोष व्यक्त किया। लेकिन इस मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बयान कुछ और ही रहा। उन्होंने मीडिया को जानकारी दी थी कि हिमाचल में भारत बंद का असर कहीं नही दिख रहा। जबकि सच यह है कि हिमाचल में सिरमौर, शिमला, मंडी और ऊना में भारत बंद का जबरदस्त असर देखने को मिला। भारतीय किसान यूनियन टिकैत और संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में पूरे हिमाचल में प्रदर्शन किए गए।

मंडी में भारत बंद के आयोजन में ट्रेक्टर रैली निकाली गई, जिसका आयोजन भारतीय किसान यूनियन के प्रभारी खूब राम ने अलग अलग बैनर के साथ किया। किसानों में नेरचौक से सुंदरनगर तक ट्रैक्टर रैली निकाल कर किसानों के हित में कृषि कानून रद्द करने की मांग की। इस रैली में बल्ह बचाओ संघर्ष समिति, सीटू और भारतीय किसान यूनियन से जुड़े लोग शामिल रहे।

जानकारी मिली है कि सिरमौर के पावटा साहिब में भी भारत बंद के आवाहन पर किसानों ने उम्दा प्रदर्शन किया। इस अवसर पर किसानों के कई संगठन शामिल हुए और बाजार में भी बहुत सी दुकाने बंद नजर आई। किसानों ने लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस से गुरु गोविंद सिंह चौक तक रैली एक आयोजन किया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में किसानों ने भाग लिया। जानकारी मिली है कि किसानों ने चौक पर थोड़ी देर के लिए चक्का जाम भी किया, जिसको देख कर प्रशासन के हाथ पैर फूल गए थे। बाद में किसानों ने प्रशासन के अनुरोध को मानते हुए चक्का जाम खोल दिया।

उधर सोलन से भी खबर है कि वहां भी किसानों ने भारत बंद का आयोजन किया था तथा वहां भी एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया। किसानों के पांच से ज्यादा संगठन भारत बंद के समर्थन में उतरे थे। जिसको देख कर वहां भी प्रशासन और पुलिस के हाथ पैर फूल गए थे। सोलन के नालागढ़ में भी भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले भारत बंद का आयोजन किया गया। जिसके चलते बहुत सी दुकाने बंद रही और सैकड़ों की संख्या में किसान सड़कों पर उतरे। ऐसी ही जानकारी ऊना और शिमला से भी निकल कर सामने आई है। जानकारी मिली है कि शिमला के कोटखाई और रोहड़ू में बाजार आंशिक रूप से बंद रहे और सैकड़ों की संख्या में किसान सड़कों पर उतरे।

इन सभी रैली और प्रदर्शन से साफ नजर आता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार भी किसानों की एकता और तीन काले कानूनों से डरी हुई है। जिसके चलते मुख्यमंत्री ने मीडिया को झूठी जानकारी दी कि हिमाचल में किसी भी तरह का कोई असर देखने को नही मिला। इस बारे जब हमारी टीम की बात भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष अनिन्दर सिंह नॉटी से हुई तो उन्होंने समस्त हिमाचल के किसानों का आभार जताया तथा सरकार को चेतावनी की कि अगर  भाजपा सरकार द्वारा लाए तीन काले कानून वापिस नही लिए गए तो अगली बार हिमाचल की सड़कों पर प्रदेश का हर किसान नजर आएगा।

error: Content is protected !!