हार के बाद जागी सरकार, 25 हजार आउटसोर्स कर्मियों के लिए बनाएगी नीति

शिमला. हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों (Out Source Employee in Himachal) को लेकर नीति बनाने से ना-नुकर करने वाली भाजपा सरकार के उपचुनाव में हार के बाद सुर बदले हैं.

सरकार ने अब विभिन्न विभागों, बोर्डो और निगमों में आउटसोर्स आधार पर नियुक्त करीब 25 हजार कर्मचारियों के लिए नीति निर्धारण का फैसला किया है.

सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस बाबत कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई थी. जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर को आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. अब इस संबंध में एक आदेश जारी हुआ है, जिसमें इन कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया है.

जानकारी के अनुसार, कमेटी में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज और ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी बतौर सदस्य शामिल किए गए हैं. बुधवार को कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की ओर से सभी विभागाध्यक्षों और बोर्ड व निगमों के प्रशासनिक सचिवों और प्रबंध निदेशकों को पत्र जारी कर आउटसोर्स पर नियुक्त कर्मचारियों का ब्यौरा एकत्र कर उन्हें भेजने के लिए कहा गया है. आदेश पत्र के अनुसार, कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित एमओयू या एग्रीमेंट की छाया प्रति भी साथ में भेजने को कहा गया है. प्रदेश सरकार की इस मुहिम से हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों में खुशी की लहर है.

जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि हिमाचल सरकार प्रदेश के विभिन्न विभागों और बोर्ड व निगमों में आउटसोर्स आधार पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए नीति निर्धारित करेगी. नीति निर्धारण करने के लिए बनाई गई कमेटी जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजेगी.

अब इस संबंध में एक आदेश जारी हुआ है, जिसमें इन कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया है.

हार के बाद सरकार जागी?

दरअसल, हिमाचल प्रदेश में सभी सरकारी विभागों में बड़ी संख्या पर आउटसोर्स पर कर्मी तैनात हैं. ये लंबे समय से नीति बनाने की मांग करते आए हैं. लेकिन सरकार ने इनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया था. लेकिन हाल ही में उपचुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है और सरकार अब नए फैसले ले रही है, ताकि 2022 के विधानसभा चुनाव में उसे हार का सामना ना करना पड़े.

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