हिमाचल में 209 रूटों पर नही चली सरकारी और निजी बसे, आम लोग परेशान

जिला में रविवार को 209 रूटों पर चलने वाली एचआरटीसी और निजी बस सेवाएं बंद रहीं। बस सेवाओं के बंद होने से लोगों को घंटों तपती धूप में बसों का इंतजार करना पड़ा। जिससे उन्हें परेशानियों का ही सामना करना पड़ा। घंटों बाद भी बसों के न आने पर लोग निजी वाहन से रवाना हुए। खैर, रविवार के दिन पहले से ही सवारियां कम होने का हवाला देकर एचआरटीसी प्रबंधन और निजी ऑपरेटरों द्वारा कम रूटों पर ही बस सेवाओं को सुचारु रखा जाता है।

कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश सरकार के आदेशानुसार जिला प्रशासन द्वारा शनिवार और रविवार को बाजार बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस दौरान महज सब्जी, मेडिकल स्टोर और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानें की खुले रखने के आदेश हैं।

ऐसे में सरकारी कार्यालयों, बाजारों के बंद होने की सूरत में लोगों की आवाजाही को देखते हुए एचआरटीसी प्रबंधन द्वारा सवारियों के आधार पर ही बसें चलाने का निर्णय लिया है। रविवार को एचआरटीसी द्वारा 104 रूटों में से 19 रूटों पर बसें चलाई। जबकि, शेष 85 रूटों पर एचआरटीसी की बस सेवाएं बंद रही। तो वहीं, जिला के 130 निजी बसों में से महज छह रूटों पर ही निजी बस सेवाएं देखने को मिली। बसों के निर्धारित रूटों पर न चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग जगह-जगह बसों का इंतजार करते देखे गए।

इन रूटों पर चली एचआरटीसी की बसें
चंबा-न्याग्रां, चंबा-शिमला, बैरागढ़, शिमला, पठानकोट, न्याग्रां-होली, चंबा-मनाली, चंबा-हरिद्वार, भंजराडू, चंबा-चिंतपूर्णी, इंदौरा-भरमौर, इंदौरा-चौबिया, दिल्ली-चंडीगढ़, शिमला वाया कांगड़ा, बाल्वो बस चंबा-दिल्ली, चंबा-शिमला वाया परमाणू, चंबा-चंड़ीगढ़, न्याग्रां-फटहार-बैजनाथ रूटों पर बस सेवा रही।

आरएम चंबा राजन जम्वाल ने बताया कि रविवार को अवकाश के दिन सवारियां कम होने की सूरत में 104 रूटों में से 19 रूटों पर ही बस सेवा बहाल रही। कोरोना महामारी के चलते अवकाश के दिन लोग कम ही बाहर निकले। निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान रवि महाजन ने कहा कि रविवार को छह रूटों पर ही निजी बसें चलाई गई।

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