पांगी में वन विभाग के कर्मचारियों ने पकड़े लाखों की कीमत के देवदार के 230 नग

जनजातीय क्षेत्र पांगी वन मंडल ने वनकाटुओं पर शिकंजा कस दिया है। वन परिक्षेत्र साच की टीम ने फिदपार के बिलडू जंगल में देवदार के करीब 230 नग अपने कब्जे में लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी हैं।

आशंका जताई जा रही है कि वन माफिया ने टीडी की आड़ में यह कार्य किया है। इससे पहले गत वर्ष बंबल जंगल में भी हरे पेड़ों पर वन माफिया ने कुल्हाड़ी चलाई थी।

वन परिक्षेत्र साच के वन परिक्षेत्र अधिकारी मंजीत के नेतृत्व में वन रक्षक राजेश कुमार, वर्कर होशियार चंद व डेली वर्कर सुरदेव की टीम फिदपार बिलड़ू जंगल में गश्त पर गई थी। वहां उन्हें अवैध रूप से काटे गए करीब 230 देवदार के नग मिले हैं, जिन्हें टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। जंगल में जिन देवदार के हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई है। उनसे निकली लकड़ी की कीमत लाखों में बताई जा रही है। हालांकि मौके पर पेड़ काटने और लकड़ी का कोई मालिक नहीं मिला है।

सरकार के आदेशों के मुताबिक किसी को अगर टीडी दी जाती है तो वह भी सूखे पेड़ दिए जाते हैं। लोगों का कहना है गत वर्ष नवंबर व दिसंबर माह में बंबल जंगल में भी हर पेड़ों पर वनकाटुओं ने कुल्हाड़ी चलाई थी। उस समय अगर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की होती तो आज बिलडू जंगल में इस प्रकार का कटान नही होता। जंगल में अवैध रूप से पेड़ काटने के मामला ध्यान में आने के बाद वन विभाग पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। विभाग ने आगामी दिनों में अन्य जंगलों में भी गश्त तेज करने की बात कही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी अन्य जंगल में तो इस तरह का मामला नहीं है।

साच वन परिक्षेत्र के फिंदपार के बिलडू जंगल में दो देवदार के पेड़ किसी अज्ञात लोगों ने काटे हैं। वन विभाग की टीम को जंगल में करीब 230 नग मिले हैं, जिसमें 160 नग को वन विभाग की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। शेष 70 नगों को भी जल्द कब्जे में लेकर सोमवार तक अवैध कटान करने वालों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

सुशील गुलेरिया, वनमंडल अधिकारी पांगी।

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