शिमला के जंगलों में भड़की आग से लाखों का नुकसान, कड़ी मशक्कत से पाया काबू


गर्मी बढ़ते ही शहर के साथ लगते जंगल फिर से दहकने लगे हैं। मंगलवार को मैहली, झंझीड़ी, संकटमोचन और टुटीकंडी के साथ लगते जंगलों में आग लगने से लाखों रुपये की वन संपदा राख हो गई है। टूटीकंडी के जंगल में देर शाम तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। वन विभाग के अनुसार दोपहर के समय संकटमोचन और तारादेवी के साथ लगते जंगल में आग लग गई। यहां वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पा लिया। मैहली और झंझीड़ी में भी आग लगने की सूचना मिली। वन विभाग और दमकल की टीमें वहां भी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

शाम के समय टुटीकंडी के साथ लगते जंगल में आग भड़क गई। चिड़ियाघर के साथ लगते चीड़ के जंगल में लगी यह आग देखते ही देखते काफी बड़े हिस्से में फैल गई। देररात तक वन विभाग की टीमें और स्थानीय लोग आग बुझाने के काम में जुटे रहे। यहां कई जगह रिहायशी इलाके से सटी जमीन पर भी आग पहुंच गई।

वन विभाग ने इस बार फायर वॉचर भी तैनात नहीं किए हैं जिसके चलते आग की सूचना और इस पर समय पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। दमकल उपमंडलीय अधिकारी डीसी शर्मा ने कहा कि सूचना मिलते ही तीनों दमकल केंद्रों से टीमें रवाना की गईं। कई जगह आग पर काबू पा लिया है। किसी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है।

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