14 दिसम्बर को धर्मशाला में विधानसभा के बाहर किसान करेंगे प्रदर्शन: भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच

आज भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच की गूगल मीट के माध्यम से बैठक बीआर कोंडल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, काँगड़ा व कुल्लू के 25 सदस्यों ने भाग लिया और मंच के अध्यक्ष बीआर कोंडल ने कहा कि किसानों, फोरलेन व भूमि अधिग्रहण जैसी मांगो की अनदेखी के कारण जयराम सरकार कों उपचुनाव में लोकसभा व विधान सभा में सरकार को पुरे प्रदेश में हार का मुह देखना पड़ा और फैसला लिया गया कि 14 दिसम्बर को विधानसभा के बाहर अपनी मांगों को लेकर, जिसमें मुख्यता भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागु करवाने व चार गुना मुआवजा, पुनर्वास व पुनर्स्थापना के मुद्दे पर धर्मशाला में प्रदर्शन व मांगपत्र दिया जायेगा राज्य के सभी संघठन हिस्सा लेंगे। उससे पहले 30 नवम्बर तक जिला स्तर पर बैठके कि जाएगी।

संजोयक जोगिन्दर वालिया ने जोर देकर कहा कि फोरलेन के प्रभावित पिछले 3.5 वर्ष से लगातार सरकार अपने घोषणा पत्र को लागु करने की मांग करते आ रहे है, लेकिन राज्य सरकार इसको लागु करने में आनाकानी कर रही हे और कमेटियों को बना कर फैसले को लगातार टालमटोल करती जा रही है। जबकि केंद्र की मोदी सरकार भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा, पुनर्वास व पुनर्स्थापना को लागु करने को राजी है। लेकिन हिमाचल की जयराम सरकार अभी तक किसानों को चार गुना मुआवजा नहीं दे रही है। जबकि अन्य राज्यों में चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है और कोड़ियों के भाव जमीन लेकर किसानों कों बर्बाद करने पर तुली है और एकतरफा किसान विरोधी फैसले ले रही है।

भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच जयराम सरकार से मांग करता है कि वो समय रहते हिमाचल में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 कों लागु करे और 1 अप्रैल,2015 की अधिसुचना कों निरस्त करे। प्रदेश में नई परियोजनायों जैसे एअरपोर्ट आदि को गैर कृषि भूमि व जहां पर न्यूनतम विस्थापन हो, ऐसी साइट को वरीयता दी जाए। स्थानीय जनता के इज़मेंट राइट्स को सुनिश्चित किया जाए। मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए, मुआवजे का भुगतान अतिशीघ्र किया जाए, प्रस्तावित सड़क के बाहर परियोजना से प्रभावित मकानों, जमीन व बगीचे का नुकसान का मुआवजा भी दिया जाए। रोड़ प्लान के अनुसार भूमि अधिग्रहण किया जाए तथा मिट्टी डम्पिंग के स्थान तय किए जाए व पहाड की तरफ स्टेप कटिंग की जाए। भूमि की निशानदेही कर पक्की बुरजियाँ लगाई जाएं, 5 मीटर कंट्रोल विड्थ व 3 मीटर टीसीपी योजना से निरस्त किया जाए। उच्च न्यायलय व मंडलीय न्यायलय में लंबित जमीन अधिग्रहण के मामलों की निर्धारित समय सीमा में सुनवाई कि जाए वर्ना आने वाले 2022 के चुनाव में इस सरकार को चलता करेगी।

इस बैठक में अध्यक्ष बेलीराम कोंडल, सयोंजक जोगिन्दर वालिया के अलावा मदन शर्मा(बिलासपुर), चन्दन मेहता (सोलन), नवीन मेहता, नरेश कुकू, शमी मदान, प्रेम ठाकुर (कुल्लू-मंडी), राजेश पठानियां, करण राणा, विशवाश बक्शी (काँगड़ा), जयशिव (शिमला), मंडी से फरमान, जितेंदर वर्मा, कमल शर्मा, प्रशांत, मोहिंदर व राज कुमार वर्मा आदि ने हिस्सा लिया।

HOTEL FOR LEASEHotel New Nakshatra

Hotel News Nakshatra for Lease. Awesome Property with 10 Rooms, Restaurant and Parking etc at Kullu.

error: Content is protected !!