By Election Analysis: भाजपा को मुख्यमंत्री और सात कैबिनेट मंत्री मिलकर भी नही दिया पाए जीत

शिमला. सीएम जयराम ठाकुर, सात कैबिनेट मंत्री, फिर भी उपचुनाव में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा. सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने मंडी में खुद चुनावी अभियान की कमान संभाली थी.

यहां तक कि पूरे हिमाचल (Himachal By elections) में जहां जहां चुनाव थे, वहां-वहां, कुल सीएम ने 68 जनसभाएं की, लेकिन नतीज ‘सीफर’ निकला. चारों सीटों पर भाजपा (BJP) की हार हुई. मंडी लोकसभा सीट (Mandi Loksabha Seat) पर भाजपा को जीत की उम्मीद थी, लेकिन यहां पर हार से भाजपा को करारा झटका लगा है.

मंडी लोकसभा सीट में 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. यहां से कैबिनेट में तीन मंत्रियों के अलावा सीएम खुद शामिल हैं. मनाली विधानसभा से भाजपा विधायक और मंत्र गोविंद सिंह ठाकुर भाजपा प्रत्याशी को लीड दिलाने में नाकामयाब रहे. इसके अलावा, लाहौल में भी भाजपा को लीड नहीं मिली, जबकि यहां से रामलाल मारकंडा कैबिनेट में मंत्री हैं. इसके अलावा, आनी से कांग्रेस को सबसे अधिक 7 हजार से ज्यादा वोटों की लीड मिली है.

दूसरे इलाकों में भी मंत्रियों के काम पर सवाल
सबसे पहले मंडी लोकसभा सीट के लिए मंत्री महेंद्र सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लाजिमी हैं. वह मंडी से चुनाव प्रभारी थी, लेकिन उनका चुनाव कौशल यहां भाजपा के काम नहीं आया. इसके अलावा, फतेहपुर विधानसभा के लिए विक्रम सिंह और राकेश पठानियां को प्रभारी और सहप्रभारी बनाया गया था. लेकिन भाजपा को हार का सामना करना पड़ा. अर्की सीट पर भाजपा ने राजीव बिंदल और मंत्री सैजल को जिम्मा सौंपा था. वह भी कमाल नहीं कर पाए.

लाहौल में कांग्रेस की जीत
लाहौल स्पीति जिला परिषद में हाल ही में हुए चुनाव में भाजपा की हार हुई थी. भाजपा यहां 10 सीटों में केवल चार ही जीत पाई थी. कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थी. भाजपा ने इन चुनावों से कोई सबक नहीं लिया. अब यहां से भी कांग्रेस को 2147 वोटों की लीड कांग्रेस को मिली है. यहां से कैबिनेट में रामलाल मारकंडा विधायक और मंत्री हैं. मनाली से भाजपा विधायक और मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर भी अपने विधानसभा क्षेत्र से भाजपा को लीड नहीं दिला पाए. 1800 से ज्यादा मतों की लीड यहां कांग्रेस को मिली. कुल्लू के आनी से कांग्रेस को सबसे अधिक 7 हजार से वोटों की लीड मिली.

हार पर क्या बोले सीएम और सुरेश कश्यप

सीएम जयराम ठाकुर ने उपचुनाव में 4-0 से हार मानी कहा कि हम जनादेश को स्वीकार करते हैं और जो कमियां रहीं, उन्हें 2022 से पहले दूर करने प्रयास करने होंगे. पार्टी में ही कुछ लोगों ने भीतर रहकर भी पार्टी का काम नहीं किया है, उनकी सूची बनाकर पार्टी हाईकमान को भेजेंगे. साथ ही सीएम ने कहा कि जो पार्टी से बाहर किये हैं, उन्हें पार्टी वापस नहीं लेगी. उन्होंने कांग्रेस के विजेता प्रत्याशियों को बधाई दी. वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और शिमला से सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि उपचुनावों में जनमत को स्वीकार करते है और सभी चारों जीते हुए प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हैं. उन्होंने कहा की इन चुनावों में परिणाम हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहे, भाजपा अपने स्तर पर इन चुनावों की समीक्षा और आत्ममंथन करेगी. समीक्षा के दौरान जो भी कमियां सामने आएगी उनको सुधारा जाएगा. साथ ही कहा कि भाजपा 2022 में जीत हासिल कर सके इसके लिए सभी कमियों को सुधारकर हम आगे बढ़ेगे.कश्यप ने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र के इतिहास में पहली बार इतने कम अंतर से कांग्रेस को जीत हासिल हुई है. संसदीय क्षेत्र में कई स्थानों पर अप्रत्याशित नतीजे सामने आए है. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों का क्षेत्रवार समीक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा की आने वाले समय मे संगठन व पार्टी स्तर पर किस प्रकार से आगे बढ़ना है उसकी समीक्षा कर विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी.

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