Fraud: कौशल विकास कार्यक्रम के नाम पर सात लाख का गबन, विजिलेंस ने दर्ज की एफआईआर

शिमला। हिमाचल (Himachal) में कौशल विकास कार्यक्रम (Skill Development) में लाखों रुपए के गबन का मामला सामने आया है। गबन का आरोप हिमाचल कंसलटेंसी ऑर्गेनाइजेशन पर लगा है। अहम बात यह है कि फर्जी रिकॉर्ड को हिमकॉन द्वारा ही तैयार किया गया था।

इसको लेकर स्टेट विजिलेंस व एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने आईपीसी की धारा-420, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत मामला दर्ज किया है। विजिलेंस जांच में पाया गया कि 2013 से 2014 तक निरमंड, करसोग, पद्धर के बडौत व नेरवा में फल प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए थे। इसके लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड द्वारा 7 लाख रुपए की राशि भी स्वीकृत की गई थी। जांच में पाया गया कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कई प्रतिभागियों के नाम फर्जी तरीके से दर्ज हैं। निगम से हिमकॉन द्वारा धन का दावा करने के लिए झूठा रिकॉर्ड तैयार किया गया है।

इसके अलावा प्रतिभागियों को वजीफे का भुगतान भी नहीं किया गया है। और ना ही प्रतिभागियों को कोई प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किया गया था। बता दें कि ये दर्शाया गया था कि प्रतिभागियों को ट्रेनिंग हिमकॉन द्वारा प्रदान की गई है। वहीं, प्रत्येक कौशल विकास केंद्र में 25-25 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान करने का रिकॉर्ड भी दर्शाया गया था।

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