कोरोना केस ऐसे ही घटते रहे तो 15 जून के बाद हो सकती है 12वीं कक्षा के शेष विषयों की परीक्षा


हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा को लेकर कसरत होने लगी है। 12वीं की परीक्षा आयोजित कराने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार हो रहा है। परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम छोटा करने पर भी होने लगा मंथन किया जाने लगा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को मंगलवार को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कोविड केसों की संख्या यूं ही घटती रही तो स्कूल शिक्षा बोर्ड 12वीं कक्षा के बचे हुए पेपर 15 जून के बाद कराने की स्थिति में होगा।

राज्य के शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने कहा कि पत्र में कहा गया है कि 12वीं कक्षा के प्रैक्टिकल और अंग्रेजी की परीक्षा 13 अप्रैल से पहले करवाई जा चुकी है। कोविड के केस बढ़ने के कारण परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। प्रदेश में अब कोविड केस लगातार घट रहे हैं।

दसवीं के छात्रों को प्रमोट कर दिया गया है और उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं के लिए एनरोल कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा को लेकर कसरत होने लगी है। 12वीं की परीक्षा आयोजित कराने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार हो रहा है।

परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम छोटा करने पर भी होने लगा मंथन किया जाने लगा है। इसके अलावा प्रमुख विषयों की ही परीक्षा करवाने पर भी विचार चल रहा है। कोविड 19 के कारण छात्रों पर मानसिक दबाव भी पड़ा है। राज्य सरकार अंतिम फैसला 1 जून को होने वाली बैठक में ले सकती है।

इसके बाद छात्रों को पेपरों की तैयारी के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। सीबीएसई बारहवीं के छात्रों की मेन विषयों की परीक्षा कराने पर भी विचार कर रहा है। इन पेपरों के आधार पर अन्य पेपरों के अंक देने पर बात पर जोर दिया जा रहा है।

वर्तमान में प्रदेश में कुल 1.10 लाख छात्र और छात्राओं ने 12वीं की परीक्षा देनी है। इसके लिए बोर्ड ने कुल 1750 परीक्षा केंद्र भी बना रखे हैं। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा कहते हैं कि 12वीं परीक्षा के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। एक जून को होने वाली बैठक में परीक्षा और सिलेबस को लेकर अंतिम फैसला लिया जाना है।

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