गरीबों को IRDP से हटाकर खुद गरीब बनी हुई है डोल पंचायत प्रधान शालू देवी

जवाली। उपमंडल जवाली के अधीन ग्राम पंचायत डोल की प्रधान का स्वयं का परिवार आईआरडीपी में चयनित होने का मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी अनुसार राज कुमारी निवासी बकान जिनकी पुत्री वर्तमान में पंचायत प्रधान पद पर कार्यरत है, का नाम आईआरडीपी में डाला गया है जिस कारण पंचायत सवालों के कटघरे में आ गई है। स्थानीय निवासी विधवा रीता शर्मा, सुशील शर्मा इत्यादि का कहना है कि हम गरीबी रेखा में गुजर-बसर करते हैं लेकिन इसके बाद भी गहमारा नाम आईआरडीपी से हटाकर पंचायत प्रधान ने खुद को आईआरडीपी में डाल लिया। उन्होंने कहा कि इस बारे में हमने जिलाधीश कांगड़ा व एसडीएम जवाली को भी शिकायत दी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि मापदंडों के तहत हमें आईआरडीपी में डाला जाए तथा स्वयं का नाम आईआरडीपी में डालने पर पंचायत प्रधान के खिलाफ कार्यवाई अमल में लाई जाए।

पंचायत प्रधान शालू देवी के बोल:
इस बारे पंचायत प्रधान शालू देवी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 2021 को ग्राम सभा में हमारा परिवार आईआरडीपी में डाला गया था व 27 नवंबर को हमने नाम काटने हेतु पत्र दे दिया था। आगामी ग्राम सभा में नाम काट दिया जाएगा।

क्या कहती हैं बीडीओ नगरोटा सूरियां सुषमा देवी:
इस बारे में बीडीओ नगरोटा सूरियां सुषमा देवी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि राज कुमारी की पुत्री शालू देवी वर्तमान में पंचायत प्रधान है वो आईआरडीपी में नहीं शामिल नहीं हो सकती तथा आईआरडीपी से नाम काटने के आदेश दे दिए गए हैं।

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