Treading News

बिलासपुर में जिला स्तरीय विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस आयोजित

बिलासपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बिलासपुर के सूचना शिक्षा एवं संप्रेक्षण ब्यूरो द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रवीण कुमार के दिशा निर्देशानुसार विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम कोविड-19 का पालन करते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कलर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कलर के प्रधानाचार्य श्री रोशन लाल द्वारा की गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर दीप कुमार स्वास्थ्य शिक्षक ने कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का आरंभ 2014 में जर्मनी की स्वयंसेवक संस्था द्वारा आरंभ किया गया था। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य  महिलाओं को  महामारी के दौरान अपनी स्वच्छता बनाए रखने के लिए  जागरूक करना है  आज भी बहुत सारी महिलाएं मासिक धर्म के दौरान अपनी व्यक्तिगत साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देती और  जिसके कारण बहुत सारी महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर, हेपेटाइटिस बी, योनि संक्रमण फंगल संक्रमण जैसे घातक रोग हो जाते हैं। मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जब  किशोरिया अपनी युवावस्था में प्रवेश  करती हैं तो उनके शरीर की प्रक्रिया में बदलाव  होता है इन बदलावों के कारण ही बच्चे का शरीर व्यस्क होने में सक्षम हो पाता है

लड़कियों में यह सारे बदलाव मासिक धर्म और  अन्य शरीर की प्रक्रिया के रूप में आते हैं जो एक सामान्य बदलाव होता है मासिक धर्म की प्रक्रिया के माध्यम से ही महिलाएं स्वय को संभावित गर्भावस्था के लिए तैयार करती हैं। मासिक धर्म चक्र हार्माेन नियमित चक्कर का एक हिस्सा है जो महिला प्रजनन प्रणाली में होता है जो  गर्भावस्था को संभव बनाता है। मासिक धर्म को महामारी ,पीरियड ,रजोधर्म भी कहा जाता है जो एक महिला की किसी भी शारीरिक प्रक्रियाओं में सबसे महत्वपूर्ण  प्रक्रिया होती है इस प्रक्रिया के कारण एक महिला का गर्भ धारण करना संभव हो पाता है आमतौर पर 10 से 13 वर्ष की आयु के दौरान मासिक धर्म प्रारंभ होती है मासिक धर्म के दौरान  किशोरियों और महिलाओं के पेट में दर्द,  पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेट में सूजन, पीरियड से पहले कवज, मुंहासे, सिर दर्द  भोजन की कमी, स्तन दर्द व दस्त जैसी लक्षण होते हैं। जिन महिलाओं में रजोधर्म के दौरान अधिक खून बहता है उन महिलाओं को विशेष तौर से अपने खानपान की तरफ विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि अधिक खून बहने से शरीर अनीमिक हो जाता है और एनीमिया रोग बहुत सारी बीमारियों का कारण बनता है इसलिए सभी किशोरियों व महिलाओं को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना  चाहिए।
 

कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षक कमल कुमार ने तंबाकू निषेध के ऊपर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया  उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या भारत में बहुत ज्यादा है एक शोध के अनुसार भारत में हर 10 व्यक्ति किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करता है तबाकू के ज्यादा सेवन करने से फेफड़ों के कैंसर होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है ऐसा इसलिए क्योंकि  तंबाकू में निकोटीन तत्व अधिक मात्रा में पाया जाता है। तंबाकू का सेवन करने से फेफड़ों का कैंसर मुख्य कारण है, लिवर कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, मुंह का कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज, तनाव थकान, सांस लेने में परेशानी, जैसे भयंकर रोग पैदा हो जाते हैं।
 

इसलिए आज की युवा पीढ़ी को नशे की आदत से बचना चाहिए और अपने भविष्य को सही दिशा की ओर ले जाना चाहिए समय मिलने पर सभी युवा साथियों को योग  जैसी कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए जिससे उनका रचनात्मक विकास हो सके। इस कार्यक्रम में स्कूल के छात्रों ने भाषण प्रतियोगिता मे भाग लिया जिसमे पहले स्थान पर सारिका , दुसरे स्थान पर रेशमा और तीसरे स्थान पर दीपक रहे कार्यक्रम में विशेष रूप से डॉ. प्रशांत संधू स्वास्थ्य स्वास्थ्य नीना, आशा स्वास्थ्य व स्कुल के सभी अध्यापक उपस्थित रहे।