हड़ताल पर जाएंगे डिपो संचालक, कोरोना के बढ़ते केसों के चलते बायोमीट्रिक से राशन देने के फैसले का विरोध

कोरोना के बढ़ते केसों के चलते बायोमीट्रिक से राशन देने के फैसले का विरोध

समिति ने सरकार के सामने रखा मांगों का प्रस्ताव
प्रदेश डिपो संचालक समिति ने सरकार को एक बार फिर बायोमीट्रिक प्रणाली को बंद करने की मांग की है, ताकि डिपो संचालक इस महामारी से सुरक्षित रह सकें। क्योंकि कोरोना महामारी से प्रदेश के चार डिपो संचालकों की अब तक मौत हो चुकी है और दर्जनों संक्रमण की चपेट में हैं। अगर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की और डिपो संचालकों का बीमा करने की अधिसूचना जारी नहीं की, तो सरकार अपने स्तर पर ही राशन वितरण करने की जिम्मेदारी ले। डिपो संचालक समिति के सदस्य मंगलवार को उपायुक्त के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंपेंगे और बुधवार सुबह दस बजे से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेशाध्यक्ष अशोक कवि ने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से फैल रहा है।

प्रदेश में अब तक चार डिपो संचालक कोरोना महामारी की चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं। सरकार अभी तक डिपुओं में बायोमीट्रिक प्रणाली से राशन देने के आदेश अभी तक वापस नहीं ले पाई है। ऐसे में प्रदेश के दर्जनों डिपो संचालक कोरोना की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को डिपो संचालक समिति के दो-तीन लोग उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे और बुधवार सुबह दस बजे से दो-तीन लोग भूख हड़ताल पर बैठेंगे। जब तक सरकार डिपो संचालकों का बीमा नहीं करेगी, मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान नहीं करेगी, बायोमीट्रिक प्रणाली बंद नहीं करेगी और हमें कोरोना योद्धा घोषित करने की अधिसूचना जारी नहीं करती है, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।

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