रोहड़ू में लंबाखाटल के पास दरका पहाड़, चिड़गांव-रोहड़ू सड़क बंद

रोहड़ू: रोहड़ू-चिडग़ांव सड़क पर सीमा से पहले लम्बाखाटल के साथ पहाड़ के दरकने से चिड़गांव मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह घटना सुबह करीब 4 बजे की है। गनीमत यह रही कि उस समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही नहीं थी। यदि यह घटना सुबह 8 बजे के बाद होती तो जानमाल का बड़ा नुक्सान हो सकता था। सुबह 8 बजे के बाद रोहड़ू-चिड़गांव मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहुत बढ़ जाती है। मार्ग के अवरुद्ध होने से अब रोहड़ू और चिड़गांव की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ियारा पुल वाया कलोटी व धूमाधार होकर आना पड़ रहा है। सड़क के बाधित होने से सैंकड़ों वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

लोगों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी

वहीं स्थानीय प्रशासन की ओर से भी लोगों को चिड़गांव की तरफ से रोहड़ू आने वाले वाहनों को बड़ियारा से वाया कलोटी-समोली पुल से आने के निर्देश दिए गए हैं। वैकल्पिक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली यह सड़क जहां मुख्य सड़क मार्ग की उपेक्षा तंग है तो वहीं यह रूट काफी लंबा भी हो गया है। संकरा होने व वाहनों की आवाजाही बढ़ने के बाद इस सड़क पर जाम लगना शुरू हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

सड़क बहाली में लग सकता है एक सप्ताह का समय

इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन व लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर कार्य शुरू कर दिया है। मलबा इतना अधिक मात्रा में गिरा है कि इसे हटाने में विभाग को एक सप्ताह से अधिक का समय लग सकता है तथा तब तक यह सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहेगी। हालांकि विभाग की ओर से दोनों ओर से पोकलेन, जेसीबी और टिप्पर लगवा दिए गए हैं।

पहले भी कई बार दरक चुका है पहाड़

लोक निर्माण विभाग के अनुसार यह पहली बार नहीं हुआ है, इससे पहले भी कई बार इस स्थान पर पहाड़ दरकने की घटनाएं होती रही हैं। 1974 में भी पहाड़ दरकने से मलबा यहां पर गिरा था, जिसे हटाने में विभाग को एक माह से अधिक का समय लगा था। उसके बाद भी यह कई बार दरका है। विभाग के मुताबिक इस स्थान पर 100 फुट से ऊंचा सीधा पहाड़ है, जिस पर क्रेटवॉल से भी सुरक्षा देना संभव नहीं है।

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