अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस पर शिमला में दलितों नेताओं का अपमान: दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

आज शिमला में सभी प्रमुख दलित नेता कर्म चंद भाटिया, रवि कुमार दलित, सुशील बौद्ध, गुरविंदर सिंह, सुरेश सैनी, भीषण सिद्धू, किशोर कुमार, रमेश चंद, दीपक गिल, एस डी कश्यप, लेख राज, बाबू राम, विकास सिद्ध आदि डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य पर चौड़ा मैदान में इक्कठे हुए थे। सभी अम्बेडकरवादियों ने बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर को पुष्प अर्पित किए और वहां उपस्थित मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश से मांग की कि 19 साल पहले प्रस्तावित “अम्बेडकर पुस्तकालय” का निर्माण करवाया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश से 19 साल पहले किए गए शिलान्यास तक जाने और देखने का आग्रह किया। लेकिन कुछ भाजपा के नेताओं के द्वारा मना करने पर मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश शिलान्यास तक नही गए। जबकि शिलान्यास वहां से महज चंद कदमों की दूरी पर था। जानकारी के मुताबिक शिलान्यास के स्थान पर कैफ़े बनाने के लिए जगह को खोदा जा रहा था जिसके चलते सभी अम्बेडकरवादी नेताओं में रोष था।

इस मामले में समता सैनिक दल के राज्य महासचिव कर्म चंद भाटिया ने कहा है कि इस जगह कैफ़े का निर्माण कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा। यह अंबेडकर व दलित समाज का घोर अपमान है। इसको लेकर आज स्थानिय विधायक एवं मंत्री सुरेश भारद्वाज के बयानों बातों से साफ हो गया है। उनका कहना था कि अगर सरकार वहां “अम्बेडकर पुस्तकालय” की जगह कैफ़े बनाती है तो प्रदेश का दलित उग्र आंदोलन करने पर विवश होगा। जिसकी पूर्ण जिमेवारी सरकार और प्रशासन की होगी।

सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार दलित ने कहा कि हर बार की भांति आज हम बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर अंबेडकर चौक पहुंचे थे। पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद हम मुख्यमंत्री से बात करने पहुंचे और उनसे आग्रह किया कि तत्कालीन राज्यपाल सूरजभान ने 19 साल पहले एक शिलान्यास किया था और अम्बेडकर पुस्तकालय की आधारशिला रखी थी। हम मुख्यमंत्री को शिलान्यास पट्टिका दिखाना चाहते थे। लेकिन शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री को वहां जाने से रोका। मंत्री सुरेश भारद्वाज ने वहां पर मौजूद दलित समाज के लोगों को यह कहा कि तुम हर बार ड्रामा करते हैं।

रवि कुमार दलित,समाजसेवी और दलित चिंतक

रवि कुमार दलित ने आगे कहा कि एक मंत्री द्वारा इस तरह की टिप्पणी बेहद दुखद है। शहरी विकास मंत्री जो खुद स्वर्ण समाज से आते हैं और ब्राह्मण हैं। लेकिन जिस तरह से उन्होंने अंबेडकर चौक में दलित प्रतिनिधियों का अपमान किया और उन्हें ड्रामेबाज कहा कर अपमानित किया यह दलितों के दिल को ठेस पहुंचाने वाला है। आज 19 साल बाद भी अंबेडकर चौक में पुस्तकालय नहीं बनाया गया। बल्कि वहां पर कॉफी डे बनाने की योजना तैयार की जा रही है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

रवि कुमार दलित का व्यक्तव्य

रवि कुमार दलित ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हम एक बात स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि आज दलित समुदाय के लोगों का अपमान हुआ है और उनके प्रति मंत्री सुरेश भारद्वाज ने नकारात्मक सोच का परिचय दिया है। इसका अर्थ साफ है कि शहरी विकास मंत्री दलितों के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर दलितों के अपमान के लिए मंत्री सुरेश भारद्वाज सार्वजनिक रूप से माफी मांगे अन्यथा उनके सरकारी आवास के बाहर आमरण अनशन शुरू कर देंगे। क्योंकि यह महज कुछ नेताओं का नही बल्कि समस्त दलित समाज का अपमान है।

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