बदतर स्वास्थ्य और सड़क सेवाओं के कारण 15 किमी बर्फ में चल कर कुल्लू पहुंचाया मरीज

आज जहां हिमाचल में विकास के बड़े बड़े कसीदे पढ़े जाते है, सरकार “शिखर की और हिमाचल” का नारा दिए बैठी है। वही प्रदेश ने धरातल पर स्थिति बेहद चिंताजनक है। लोग आज भी आधारभूत सुविधाओं से वंचित है। लेकिन नेताओं को महंगी गाड़ियों, महंगे होटलों और महंगे शान ओ शौकत से समय नही है। जनता के टैक्स के पैसे से लाखों की गाड़ियां खरीदी जा रही है विधायकों का वेतन लाखों में है लेकिन आम आदमियों के लिए सरकार के पास फूटी कौड़ी तक नही है।

आज का ताजा मामला लाहौल स्पीति के गांव नैनगाहर का है। जहां एक आदमी के बीमार होने पर गांव वालों को उसकी जान बचाने के लिए 15 किमी उठा कर ले जाना पड़ा। क्योंकि इलाके में सड़क से बर्फ को हटाने और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार के पास कुछ भी नही है।

ग्रमीणों का कहना है कि जब जब बर्फ गिरती है, सरकार और प्रशासन लोगों को उनके हाल पर छोड़ देते है। उनके वहां के स्वास्थ्य केंद्र बंद हो जाते है और लोक निर्माण विभाग सड़कों से बर्फ हटाने का नाम नही लेता। जिसके चलते उनको किसी के भी बीमार होने पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आज भी अगर ग्रामीण हिम्मत नही करते तो गांव के बीमार आदमी को वह कुल्लू नही पहुंचा पाते और कोई भी अनहोनी घटना घट सकती थी। गांव वालों ने 15 किमी पैदल चल कर मुख्य सड़क तक बीमार आदमी को पहुंचाया, उसके बाद गाड़ी में डाल कर, अटल टनल को पर करके वह लोग कुल्लू पहुंचे।

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