हिमाचल में कांग्रेसी भिड़े, पोस्टर फाड़े, अध्यक्ष ने शरारती तत्वों को किया निलंबित

कांग्रेस द्वारा प्रदेश में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर शुरू किए राहत अभियान के तहत लगाए गए होर्डिंग्स पर बवाल मच गया है। इसका मुख्य कारण होर्डिंग्स में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की फोटो न होना सामने आया है। इसी कड़ी में कुछ गुस्साए वीरभद्र समर्थकों ने रात के अंधेरे में कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन शिमला की छत पर चढ़कर संबंधित होर्डिंग्स को फाड़ दिया है। इससे पहले विक्ट्री टनल के समीप लगाए गए पोस्टर को फाड़ा गया। इतना ही नहीं, समर्थकों ने होर्डिंग्स फाड़ने की बाकायदा वीडियो बनाई और उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया।

इस पूरे मामले की शिकायत हाईकमान तक भी पहुंच गई और पार्टी ने अपने स्तर पर भी जांच शुरू कर दी है।

राठौर ने की कार्रवाई, देवन भट्ट व दीपक खुराना पार्टी से निलंबित

इसी कड़ी में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने उक्त अनुशासनहीनता पर पार्टी कार्यकर्ता देवन भट्ट व दीपक खुराना को पार्टी से निलंबित करते हुए उन्हें 15 दिनों के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अनुशानहीनता संगठन मेंं सहन नहीं की जा सकती है। पार्टी कार्यकर्ती देवन भट्ट ने अपनी फेसबुक वॉल पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जिन्होंने कांग्रेस को हिमाचल में मजबूत किया है, उनकी अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी तरह की गुटबाजी से रात-दिन पार्टी के लिए खून-पसीना बहाने वाले कार्यकर्ता हतोत्साहित होते हैं। पोस्टर की फोटो भी शेयर करते हुए पोस्ट किया गया है कि जिस तरह पोस्टर अधूरा है, वैसे ही हिमाचल कांग्रेस वीरभद्र सिंह के आशीर्वाद के बिना अधूरी है। इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और विधायक विक्रमादित्य सिंह से माफी भी मांगी है और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी के साथ ही पार्टी हाईकमान से मांग की है कि प्रदेश में इस तरह की गुटबाजी को खत्म किया जाए ताकि कांग्रेस दोबारा सत्ता में आ सके।

कांग्रेस मुख्यालय में लगे सीसीटीवी भी खंगाले

मामला सामने आने के बाद कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में लगे सीसीटीवी को भी खंगाला गया है। गेट बंद होने के बाद कार्यकर्ता छत पर कैसे चढ़ गए, इसका भी पता लगाया जा रहा है। शनिवार को यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने कहा कि स्व. राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर राजीव भवन में कोरोना से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए लगाए गए पोस्टर को फाड़ने का पार्टी आलाकमान ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस बारे में दोनों ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया में जारी किया है, जिसमें वे इस होर्डिंग्स को फाड़ते हुए दिख रहे हैं।

एक तरफ राजीव गांधी तो दूसरी तरफ बाली की फोटो

कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मंत्री जीएस बाली को प्रदेश कोरोना रिलीफ कमेटी का प्रभारी बनाया है। सूचना के अनुसार उक्त कमेटी की तरफ से ही होर्डिंग्स प्रदेश भर में लगाए गए। शिमला में जो होर्डिंग्स फाड़े गए, उनमें एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की बड़ी फोटो लगी थी जबकि दूसरी तरफ जीएस बाली की फोटो लगी थी। होर्डिंग्स में टॉप पर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की फोटो लगी थी। इसके साथ ही होर्डिंग्स के बॉटम में जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत छाजटा की फोटो लगी हुई थी।

पार्टी ने बताया राजीव गांधी की शहादत का अपमान

पार्टी ने पूरे मामले को वरिष्ठ नेताओं का विशेष कर राजीव गांधी की शहादत का अपमान बताया है और कहा कि इसे कभी सहन नहीं किया जा सकता है। किमटा ने कहा कि यदि पोस्टर को लेकर कोई आपत्ति थी तो वह इस बारे अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते थे। इस प्रकार का व्यवहार अनुशासन हीनता के साथ-साथ कांग्रेस नेताओं का अपमान है, जिसे किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जा सकता है।

क्या बोले जीएस बाली

पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता जीएस बाली ने कहा कि होर्डिंग्स मेंं मेरे अकेल की फोटो नहीं है बल्कि और भी कई नेताओं की फोटो हैं। जिन लोगों ने होर्डिंग्स फाड़े हैं वे शरारती किस्म के लोग हैं। उनके खिलाफ पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए। सोनिया गांधी ने जो हमें मिशन दिया उसके अनुसार लोगों की सेवा इस वक्त कर रहे हैं।

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