सरकार बनते ही लोकायुक्त संशोधन विधेयक को निरस्त करेगी कांग्रेस- आशा कुमारी

धर्मशाला। लोकायुक्त संशोधन विधेयक 2021 के पारित होने के बाद कांग्रेस (congress) ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने साफ तौर कह दिया है कि उनकी सरकार के आते ही इस संशोधन को निरस्त कर दिया जाएगा, ताकि लोकायुक्त की गरिमा पहले की तरह बनी रहे। आपको बताते चलें कि शीतकालीन सत्र के चौथे दिन लोकायुक्त संशोधन विधेयक 2021 चर्चा के बाद पारित किया गया। चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस विधायक आशा कुमारी (Mla asha kumari) ने संशोधन को नियमों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर अपने चहेते को लाभ देने का आरोप लगाया।

आशा कुमारी ने कहा कि लोकायुक्त अध्यक्ष केवल सुप्रीम कोर्ट (superem court) का जज या हाई कोर्ट का रिटायर मुख्य न्यायाधीश ही हो सकता है, लेकिन अब सरकार ने इसमें संशोधन कर हाई कोर्ट के रिटायर जज को लगाने का प्रावधान कर दिया है, जो कि संस्थान की गरिमा के खिलाफ है, क्योंकि मुख्यमंत्री को भी लोकायुक्त के दायरे में रखा गया है। मुख्यमंत्री के पद की गरिमा को देखते हुए इसमें यह प्रावधान किया गया था, लेकिन सरकार ने इसमें अब संशोधन कर दिया, इस पर कांग्रेस ने इसका विरोध किया है और कांग्रेस सरकार आने पर इस संशोधन को निरस्त भी किया जाएगा, ताकि लोकायुक्त की गरिमा पहले की तरह बनी रहे।

मंडी (mandi) में पटेल विश्व विद्यालय बनाने को लेकर सदन में लाए गए विधेयक पर चर्चा के दौरान विधायक राकेश सिंघा ने सरकार पर सवाल उठाए हैं और कहा कि सरकार राजनीतिक मकसद से विश्व विद्यालय बनाने जा रहा है। नियमों को ताक पर रख सरकार पहले ही एचपीयू (HPU) में भर्तियां कर रही है। सरकार विश्व विद्यालय बनाए, लेकिन उसमें नियमों के अनुसार नियमित आधार पर टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति करें, तभी बेहतर शिक्षा बच्चों को मिलेगी। कॉन्ट्रेक्ट और ठेके पर भर्तियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। सरकार जल्दबाजी में सदन में सभी विधेयक लेकर आ रही है। प्रदेश के निजी विश्व विद्यालय की हकीकत किसी से छिपी नहीं है। फर्जी डिग्रियां बेची गई हैं, जिसके कारण प्रदेश की पहले ही बदनामी हुई है।

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