Teacher Day 2021; छात्रों का चरित्र निर्माण शिक्षकों का सबसे बड़ा दायित्व- विश्वनाथ आर्लेकर

शिमला। Teacher Day 2021, हिमाचल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा हमारे प्रदेश में ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी वजह से शिक्षा का विकास हो रहा है।

हमारी संस्कृति में गुरु का स्थान भगवान से ऊपर है। गुरुजन का बड़ा महत्व है। इनके आशीर्वाद के बिना कुछ संभव नहीं है, जो भी नई परियोजना विभाग ने शुरू की वह सराहनीय है। समाज में हर तरह के प्रोफेशन वाले लोग हैं। इनके पास रोजाना जाना नहीं होता। समाज में शिक्षक ऐसे व्यक्ति जिनके पास जाना नित्य है। समाज को दिशा देने में शिक्षक की अहम भूमिका है। शिक्षकों पर हमारा विश्वास होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शक हैं। समाज का दायित्व इन पर है, जिसपर उन्हें खरा उतरना हैं। वे नई पीढ़ी को जन्म देते हैं। चरित्र का अभाव है, इसलिए हम पीछे हैं। शिक्षकों पर सबसे बड़ा दायित्व छात्रों का चरित्र निर्माण करना है।

उन्होंने कहा कि जब किसी को सम्मानित किया जाता है तो उसके बारे में अच्छा कहा जाता है। उन्हें सम्मानित होने के दौरान कही बातों पर खरा उतरना है। नई शिक्षा नीति से कई अहम बदलाव होंगे। हर शिक्षक विचार करे और संकल्प ले कि नई शिक्षा नीति को लागू करने में मेरी क्या भूमिका है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले कमल किशोर को भी पीटरहाफ में सम्मानित किया गया। सचिवालय में सुबह औपचारिक रूप से उनका स्वागत किया गया। उन्होंने केंद्र द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के वर्चुअल कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद वह पीटर हाफ पहुंचे, जहां उन्हें सम्मानित किया गया। इसके अलावा 18 शिक्षकों को राज्‍यस्‍तरीय पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया।

गुरु के बिना तरक्की नहीं : भारद्वाज

शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि नई शिक्षा नीति से कई बदलाव होंगे। उन्होंने कहा कि हर अभिभावक चाहता है कि उसके बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले। हिमाचल कम साधनों के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान पर है। इसका श्रेय अध्यापकों को जाता है। गुरु के बिना तरकी नहीं। भगवान को प्राप्त करने का रास्ता गुरु से होकर जाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सराहनीय कार्य किए। हिमाचल पहला राज्य जिसने आनलाइन शिक्षा शुरू की। अब सरकार घर घर तक मोबाइल देने जा रही है। ऐसे बच्चे जो स्मार्ट फोन ना होने के कारण आनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे, अब वह पढ़ाई कर सकेंगे। विभाग इसके लिए बधाई का पात्र है। नई शिक्षा मातृ भाषा में भी होगी। हिमाचल के छात्र निजी स्कूलों को टक्कर देंगे। अंग्रेजी मीडियम भी सरकारी स्कूलों में शुरू किया गया है। नई शिक्षा नीति को लागू करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है।

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