हिमाचल में शुरू होगी भांग की खेती; सरकार कर रही पूरी तैयारी

हिमाचल प्रदेश में भांग की खेती को दवाइयां बनाने के लिए खेती शुरू करने की कोशिशें शुरू हो गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक यह फैसला संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भांग के दवाइयों के लिए प्रयोग के लिए हरी झंडी देने के बाद लिया गया है। आबकारी और कराधान इसको लेकर प्रस्ताव बना चुका है और अब भांग की खेती की नियमित और नियंत्रित करने के नियमों पर काम कर रहा है। जो नियम अब तक बना लिए है हिमाचल प्रदेश सरकार उन पर विचार कर रही है। जिसके चलते हिमाचल प्रदेश सरकार की सहमति से प्रदेश में भांग की खेती कानूनी शुरू होने की संभावनाएं बन रही है।

इस प्रोजेक्ट की शुरुआत इन्वेस्टर मीट से हुई थी। जहां कई फार्मा कंपनियों और अलग अलग देशों के राजदूतों ने सरकार को भांग की खेती का सुझाव दिया था ताकि दवाई का निर्माण किया जा सके। इस सुझाव पर सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है। वर्तमान डीजीपी और पूर्व सचिव मुख्यमंत्री के साथ आबकारी एवं कराधान विभाग संजय कुंडू के समय से ही भांग की खेती को कानूनी रूप देने का काम कर रहे है। जिसका एक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।

साथ ही उत्तराखंड भी भांग के दवा में इस्तेमाल को लेकर इजाजत दे चुका था, लेकिन कैबिनेट की बैठक में मंत्रणा के बाद सियासी नफा नुकसान को देखते हुए जयराम सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। अब यूएन के हरी झंडी देने के बाद आबकारी विभाग ने फिर से कदमताल शुरू कर दी है। आबकारी एवं कराधान आयुक्त रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि ड्राफ्ट रूल बनाकर सरकार को भेजे गए हैं। सरकार के फैसले के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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