लामखागा पास से पांच पर्यटकों के शव बरामद, सेना से दो को बचाया लेकिन चार अभी तक लापता

उत्तराखंड से ट्रैकिंग करते हुए सांगला आ रहे 11 सैलानियों में से पांच की मौत हो गई है, जबकि दो को बचा लिया गया है।

अब भी चार सैलानी लापता हैं। ये सैलानी 16 अक्तूबर को ट्रैकिंग के लिए निकले थे। पांच सैलानियों के शवों को लामखागा पास से गुरुवार को सेना ने हेलिकॉप्टर की मदद से पांच फुट बर्फबारी के बीच निकाल लिया, जबकि दो सैलानी जिंदा मिले हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से भी एक को ही रेस्क्यू किया गया है, जबकि एक अन्य को मौसम खराब होने की वजह से अस्थायी शिविर लगाकर प्राथमिक उपचार देकर सेना के जवानों की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा चार अन्य सैलानी अब तक नहीं मिल पाए हैं, जिन्हें ढूंढने का हर संभव प्रयास किया जा रहा हैं। गुरुवार को दोपहर बाद मौसम खराब होने की वजह से सेना को रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ये सभी सैलानी 16 अक्तूबर को ट्रैकिंग के लिए निकले थे। उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सेना के जवानों ने सात सैलानियों को रेस्क्यू कर लिया है, जबकि चार अभी लापता हैं। इनको भी शुुक्रवार को रेस्क्यू करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने ऐसी विकट भौगोलिक परिस्थितियों में जान की बाजी लगाकर रेस्क्यू करने वाले जवानों का आभार जताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी से टै्रकिंग करते हुए लमखागा पास होकर छितकुल से सांगला थाना पहुंचे नेपाली मूल के चार पोर्टरों, जिनमें तुलसी काफले (20),सुरेंद्र तिमेलासेना (18), विष्णु पोखरे (32) और बलीराम (19) ने बताया कि वे भारी बर्फभारी के बीच 17 अक्तूबर को लामखागा पास से रात को ही तीन फुट बर्फ के बीच रहने की व्यवस्था न होने पर छितकुल की तरफ निकल पडे़। बर्फबारी के बीच 11 सैलानी एक अस्थायी टेंट में रहे, जबकि अन्य छह पोर्टर बर्फबारी के बीच टेंट न होने पर चलते-चलते भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के निथ्थल थाच के कैंपर पर जा पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने मदद मांगी। इसके बाद सेना ने कड़ी मशक्कत कर पांच सैलानियों के शव और दो को घायल अवस्था में ढूंढ निकालने में सफलता हासिल की है, जबकि मौसम खराब होने की वजह से चार सैलानी अभी लापता हैं।

लाहुल स्पीति के बातल में फंसे 80 पर्यटक

काजा। स्पीति घाटी के तहत काजा-ग्राम्फू सड़क मार्ग पर बातल में 80 पर्यटक फंस गए हैं। कुंजम दर्रा और बातल में भारी बर्फबारी के कारण यह पर्यटक आगे नहीं बढ़ पा रहे। प्रशासन ने उन्हें निकालने के लिए हेलीकॉप्टर मांगा है।

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