उपचुनाव; अर्की से भाजपा के उम्मीदवार रत्नपाल पर लगे पैसा हड़पने का आरोप

शिमला. हिमाचल प्रदेश में उपचुनावों (By-elections) की घोषणा होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. चुनाव को लेकर जहां पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर जुबानी हमला बोल रहे हैं, वहीं सोलन की अर्की सीट से भाजपा (BJP) के टिकट के दावेदार रत्नपाल के खिलाफ किसान सभा और बागवान राजेंद्र सिंह ने मोर्चा खोल दिया है.

किसान सभा ने BJP के टिकट के दावेदार रत्नपाल सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.

कोटखाई के बागवान राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा से टिकट के प्रत्याशी ने उनका 70 हजार रुपए हड़पा है, जो उन्हें 16 साल बाद भी नहीं मिल पाया है. उन्होंने कहा कि साल 2005 में उन्होंने आरएफसी आढ़त सोलन में 165 सेब पेटियां बेची थींं, लेकिन उन्हें आज तक पेटियों का पैसा नहीं मिला जिसके चलते उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. लेकिन बार बार समन भेजने के बाद भी उन्होंने समन नहीं लिया, क्योंकि आढ़ती की ऊंची पहुंच थी.

लोगों के पैसे डकारने वाले प्रत्याशी को टिकट न दे भाजपा
साल 2012 में उन्होंने कोर्ट से केस जीता जिसके बाद भी उन्हें पैसा नहीं मिला. उसके बाद भी एक्वीजिशन के तहत मामला फिर कोर्ट में चला लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई. साल 2018 में एपीएमसी और 2019 में एसआईटी में शिकायत दर्ज की, लेकिन एसआईटी के सचिव भी कोई कार्रवाई नहीं कर पाए. उन्होंने भाजपा रष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और सीएम जयरमा ठाकुर से मांग की है कि वे इस भ्रष्‍टाचारी टिकट के दावेदार को टिकट न दे. उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के प्रत्याशी को टिकट दी जाती है तो भ्रष्टाचार और बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है ऐसे व्यक्ति को भाजपा की ओर से टिकट न दी जाए. यदि वे जल्द पैसा नहीं देते हैं तो वे किसान सभा के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे.

एसआईटी के गठन के बाद बागवानों को मिला फंसा हुआ पैसा

उधर, किसान सभा का कहना है कि वे किसानों के हितों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. वर्षों से आढ़तियों के पास फंसा पैसा एसआईटी के माध्यम से दिलवाया जा रहा है. अब तक प्रदेश के एक सौ से ज्यादा किसानों और बागवानों को पैसा पैसा मिल चुका है. करीब 40 से ज्यादा आढ़तियों पर कानूनी मामला चल रहा है. जिलाध्यक्ष सत्यावान पुंडीर ने कहा कि ऐसे बहुत से छोटे और मंझोले किसान बागवान हैं जिनका पैसा आढ़तियों के पास फंसा हुआ है. ऐसे में किसान सभा सभी बागवानों का हक दिलवाने के लिए काम कर रही है. ताकि बागवानों को आढ़तियों के पास फंसा हुआ पैसा मिले.

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